राजधानी भोपाल के सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र में टोल टैक्स के पास यात्रियों से भरी बन से एक इंजीनियर को रौंद दिया। हादसे के बाद बस चालक यत्रियों को बस के अंदर छोड़कर मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने घायल इंजीनियर को अस्पताल पहुंचाया, जहां कुछ घंटे चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर बस को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
सूखीसेवनिया पुलिस के अनुसार 34 वर्षीय पुनीतधर द्विवेदी पुत्र भास्कर द्विवेदी मानस कॉलोनी फेस-1 में परिवार के साथ रहते थे। भोपाल से बीटेक और एमबीए की पढ़ाई करने के बाद पुनीतधर द्विवेदी कुछ महीनों से वी-गार्ड नामक कंपनी में टेरिटेरी मैनेजर के पद पर कार्य कर रहे थे। गुरुवार रात पुनीतधर विदिशा में कंपनी के कर्मचारियों की बैठक लेकर लौट रहे थै। वह सूखीसेवनिया टोल प्लाजा के पास उनकी बाइक को यात्रियों से भरी बस ने पीछे से रौंद दिया। हादसे में इंजीनयर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें राहगीरों की मदद से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मृतक के दोस्तों ने आरोप लगाया कि जिस एंबुलेंस से पुनीत को अस्पताल पहुंचाया गया, उसमें लाइफ सपोर्ट सिस्टम नहीं था। अधिक खून बहने के कारण मौत होना बताया जा रहा है।
नवजात को नहीं पता, पिता नहीं रहे
पुनीत ने करीब ढाई वर्ष पहले रीवा निवासी युवती से अरेंज मैरिज की थी। उनके पिता एमपीईबी के रिटायर्ड अधिकारी हैं। बड़े भाई भी इंजीनियर हैं और भोपाल में रहते हैं। पुनीत के यहां नौ महीने पहले ही एक बेटी का जन्म हुआ है। यह इकलौती बेटी को पता नहीं कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। जवान बेटे की मौत के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। पूरी कॉलोनी में मातम पसरा है, लेकिन उस नवजात को कुछ पता नहीं कि उसके पिता के साथ क्या हुआ। पुनीत की पत्नी भी बेसुध हो रही है। उसको चिकित्सकों की देखरेख में घर पर ही रखा गया है।