राजधानी भोपाल में लव जिहाद से चर्चा में आया मछली परिवार अब ड्रग्स की तस्करी और करोड़ों की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए चर्चाओं में है। मछली परिवार का बेटा यासीन मछली और उसका चाचा शाहवर अहमद उर्फ शाहवर मछली एमडी ड्रग्स की तस्करी के मास्टर माइंड बताए जा रहे हैं। यह ड्रग तस्कर गिरोह भोपाल के बड़े क्लबों और रेस्टोरेंट में नाइट पार्टियों का आयोजन कर वहां के रईसजादों, कॉलेज की छात्राओं, युवाओं और खासकर हिंदू युवतियों को ड्रग्स का नशा कराकर उन्हें अपना शिकार बना रहा था।
यासीन मछली और शाहवर की गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अब तक यासीन मछली के दर्जन भर से अधिक गुर्गों, जो ड्रग्स पैडलर के तौर पर कार्य कर रहे थे, को गिरफ्तार किया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि भोपाल में ही यासीन मछली और उसके गिरोह के आधा सैकड़ा ड्रग्स पैडलर हैं, जो अलग-अलग प्रोफाइल के युवक-युवतियों और छात्रों को ड्रग्स की लत लगाकर उन्हें अपना ग्राहक बना रहे थे। ये पैडलर टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन ड्रग्स बेचने के साथ ही पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से बचने के लिए कोडवर्ड में बात करते थे। भोपाल पुलिस कई ड्रग्स पैडलरों की कुंडली भी खंगाल चुकी है लेकिन ये या तो फरार हैं या भूमिगत हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यासीन मछली के लिए ड्रग्स पैडलर का कार्य करने वाले कई और तस्करों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जाल बिछा रही है।
कई राज्यों में फैला है यासीन मछली का जाल
यासीन मछली और उसका गिरोह युवा पीढ़ी को पूरी तरह से नशे की लत लगाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा था। गिरोह का मुंबई, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों के बड़े तस्करों से भी संबंध था, इसका खुलासा भी हो चुका है। यासीन मछली के लिए ड्रग्स पैडलर का कार्य करने वाली थाईलैंड की महिला को भोपाल और नाइजीरियन युवक को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। अब तक एक दर्जन पैडलर सहित 14 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोपी पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों से बचने के लिए टेलीग्राम के जरिए सौदा करते थे और कोडवर्ड में बात करते थे। सौदा तय होने के बाद ऑनलाइन डिलीवरी भी कराते थे। पुलिस की पूछताछ और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर चौंकाने वाली जानकारी निकलकर सामने आई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ये ड्रग्स पैडलर पहले सामान्य युवक ही थे। किसी क्लब या पार्टी में उनकी मुलाकात यासीन या उसके गिरोह के किसी युवक से हुई और वह उन्हें फ्री का नशा देने लगा। इसके बाद नशे की लत लगने के बाद फ्री का नशा करने के लिए ड्रग्स पैडलर बनने का ऑफर दिया और उन्हें नशे की लत लगाकर पैडलर बनाया।
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पुलिस की जांच में सामने आया है कि यासीन नशे का नया ग्राहक बनाने के लिए अपने पैसों से पैडलर को भोपाल के सभी प्रतिष्ठित और बड़े पबों, क्लबों और नाइट पार्टियों में भेजता है और वहां नए ग्राहक तलाशने का टास्क देता है। नया ग्राहक मिलने के बाद पहले उसे फ्री में नशा दिया जाता है। इसके बाद उसे ऑनलाइन टेलीग्राम के जरिए नशा खरीदने की ट्रेनिंग दी जाती है। गिरोह से जुड़े गुर्गे राजस्थान, मुंबई, दिल्ली से लाकर एमडी व अन्य खतरनाक ड्रग्स की सप्लाई भोपाल में करते थे।
यासीन मछली के साथ उसके चाचा शाहवर मछली को एमडी ड्रग्स की तस्करी में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल दोनों जेल में हैं। इसके बाद जगजीत सिंह जग्गा और अंश चावला को गिरफ्तार किया गया। जग्गा दिल्ली से तस्करों से संपर्क करता था। इसके अलावा नाइजीरियन युवक ओराचोर, थाईलैंड की महिला बेंचामत मून, कांग्रेस नेत्री का बेटा अंशुल सिंह भूरी और एआईएमआईएम पार्टी के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा तौफीक निजामी, शाकिर सहित 14 तस्कर अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।