त्योहारी सीजन में मिलावटी और नकली मावे को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच राजधानी भोपाल में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शनिवार को द्वारका नगर स्थित श्री कृष्णा डेयरी एंड स्वीट्स पर छापा मारा, जहां से 1510 किलोग्राम मावा और लगभग 200 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया है। सूचना थी कि त्योहार से पहले भारी मात्रा में मावा एकत्र किया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता संदिग्ध हो सकती है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जब यह गुप्त सूचना मिली कि श्री कृष्णा डेयरी में मावे का बड़ा स्टॉक इकट्ठा किया गया है, तो तुरंत कार्रवाई की गई।
ग्वालियर और धौलपुर से आया था मावा
कार्रवाई के दौरान प्राथमिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि जब्त किया गया मावा ग्वालियर और धौलपुर से मंगवाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह मावा मिठाई बनाने के लिए स्टॉक किया गया था, लेकिन उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं। संदेह के आधार पर पनीर के सैंपल भी लिए गए हैं। सारे नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मावा और पनीर मानक के अनुसार हैं या नहीं।
मंगलवारा से भी 149 किलो मावा जब्त
इधर इसी कार्रवाई की कड़ी में मंगलवारा स्थित महेन्द्र मावा भंडार पर भी छापा मारा गया। वहां से 149 किलो मावा जब्त कर लिया गया, जो वितरण के लिए तैयार किया जा रहा था। वहां से भी मावा के नमूने लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी संदिग्ध खाद्य सामग्री, विशेषकर मावा, पनीर या मिठाई का भंडारण या बिक्री होती दिखे, तो तत्काल विभाग को सूचित करें। मिलकर ही मिलावटखोरी पर रोक लगाई जा सकती है।
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रिपोर्ट के आधार पर होगी कठोर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट राज्य प्रयोगशाला से आने के बाद, अगर मिलावट या गुणवत्ता में गड़बड़ी पाई गई तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, प्रतिष्ठान सील करना और अन्य दंडात्मक उपाय शामिल हो सकते हैं।
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त्योहारी सीजन में सतर्क हुआ प्रशासन
त्योहारी सीजन के चलते मावा, मिठाई और डेयरी प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ जाती है। इसी के मद्देनज़र मिलावटखोरी और नकली उत्पादों की संभावना को देखते हुए प्रशासन सख्त है। कलेक्टर भोपाल ने पहले ही निर्देश दिए थे कि जिले में मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।