पीआरओ पूजा थापक के ससुराल वाले
- फोटो : अमर उजाला
पंचायत, ग्रामीण विकास विभाग की पीआरओ और मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर पूजा थापक के सुसाइड केस में एक नया मोड़ आ गया है। पूजा थापक के ससुर ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि पूजा थापक ने निखिल दुबे से पहले नायब तहसीलदार महेश परमार से शादी की थी। साल 2019 में इंदौर में आर्य समाज से उनकी पहले शादी हुई थी। लेकिन उन्होंने उसकी जानकारी छुपा कर निखिल दुबे से दूसरी शादी की थी। निखिल दुबे को जब पहली शादी के बारे में पता चला तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश शर्मा पूजा थापक के जीजा हैं। पहली बार उन्हीं के घर पर दोनों परिवार की मुलाकात हुई थी। मृतिका के बेटे की कस्टडी कुटुंब न्यायालय ने नाना-नानी को दी है। शनिवार की सुबह चार गाड़ी पुलिस ने पहुंचकर बच्चों को दादा-दादी के पास से छुड़ाया है ।
शर्मा के दबाव में काम कर रहा प्रशासन
पूजा थापक के ससुर का आरोप है कि अवधेश शर्मा के दबाव में प्रशासन करवाई कर रहा है। ससुराल पक्ष ने पुलिस और पूजा के परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पूजा के ससुर मनोहर लाल दुबे ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से न्याय की मांग की है। मनोहर लाल दुबे ने कहा कि पुलिस उनके परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है।
सास की मांग पर इंदौर में दिया फ्लैट
पूजा थापक के मायके वालों ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि बेटी के पति और सास की मांग पर इंदौर में एक फ्लैट भी दिलाया था। उन्होंने नकद साढ़े सात लाख रुपए भी ले लिए थे। इसके बाद भी भोपाल में एक बड़ा और महंगा प्लॉट दिलाने की मांग कर रहे थे। शादी में 40-45 लाख रुपए खर्च किए थे। विवाद बढ़ने पर एक बार पति-पत्नी की काउंसिलिंग भी कराई जा चुकी थी। इसके बाद पूजा निखिल के साथ रहने को राजी हो गई थी।
बच्चे की कस्टडी लेने सुबह साढ़े सात बजे पहुंची पुलिस
पूजा थापक के ससुर एमएल दुबे ने बताया कि सुबह साढे़ सात बजे चार गाड़ियों में पुलिस आई थी। दरवाजा पीटते हुए तत्काल गेट खोलने की बात कही। पुलिस ने बताया था कि हमारे पास सर्च वारंट है। गेट खोलते ही बच्चे को पुलिस ने कस्टडी में लिया और साथ ले गए। मैं साथ में गोविंदपुरा थाने गया। वहां मुझे बैठाकर रखा गया। बाद में बच्चे की कस्टडी उसके नाना-नानी को सौंप दी।
बच्चे के जन्मदिन के दिन छीना
एमएल दुबे ने बताया कि आज बच्चे का जन्मदिन है। इसी दिन बच्चे को हमसे छीन लिया गया। पूजा के जीजा कलेक्टर हैं। उनके कहने पर एकतरफा कार्रवाई की गई है। साजिश के तहत मेरे बेटे और पत्नी को पूजा के सुसाइड का जिम्मेदार बताकर फंसाया गया है। जबकि पूजा और निखिल दोनों अच्छे से रहते थे। मेरे बेटे को इस बात के प्रमाण मिल चुके थे कि पूजा पहले से शादीशुदा थी। इस बात की जानकारी हमें शादी से पहले और बाद में नहीं दी गई। बेटे के हाथ शादी के दस्तावेज लग गए थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद होने लगा था।
4 महीने पहले किया था सुसाइड
गौरतलब है कि 9 जुलाई को 4 महीने पहले पूजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पति मप्र सरकार सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग वैज्ञानिक हैं और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी हैं। साल 2022 में इनकी शादी हुई थी।