फेंगल तूफान की वजह से प्रदेश के मौसम में उतार-चढाव जारी है। प्रदेश में रात के पारे में बढ़ोतरी हो रही है। बुधवार-गुरुवार की रात में पूरे प्रदेश का न्यूनतम तापमान 10 डीग्री से 17 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। कई शहरोंं में 6 डीग्री से ज्यादा तापमान बढ़ा है। इस वजह से ठंड मे कमी देखी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2 दिन ऐसा ही मौसम रहेगा। फिर रात के तापमान में भी गिरावट होने लगेगी।
प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
बुधवार-गुरुवार की रात में भोपाल 13.8 डिग्री, ग्वालियर 11 डिग्री, इंदौर 17.1 डिग्री, पचमढ़ी 11.2 डिग्री, रतलाम 14. 2 डिग्री, उज्जैन 16.7 डिग्री, जबलपुर 13.02 डिग्री, शिवनी 17 डिग्री, रीवा 11.3 डिग्री, सागर 15.3 डिग्री, सीधी 14 डिग्री, टीकमगढ़ 11.3 डिग्री, मंडल 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसलिए बढ़ा रात का तापमान
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में उत्तरी हवाओं की रफ्तार बढ़ गई है। औसत 8 से 12 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल रही है। पश्चिम-उत्तर भारत में 12.6 किमी की ऊंचाई पर 268 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। हवा की ऊंचाई जैसे ही कम होगी, प्रदेश में ठिठुरन और भी बढ़ जाएगी। जिसके असर से दिन-रात के तापमान में खासी गिरावट देखने को मिल सकती है।
20 दिसंबर से शुरू होगी कड़ाके की ठंड
वेद प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर 20 दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक बना रहेगा। इन्हीं 40 दिनों में 20 से 22 दिन कोल्ड वेव यानी, सर्द हवाओं की भी स्थिति बन सकती है। सबसे ज्यादा ठंड उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में रहेगी। वजह बर्फीली हवाएं सीधे आना है। दूसरे पखवाड़े में ही मावठा यानी, बारिश भी हो सकती है।नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा, लेकिन कड़ाके की ठंड दिसंबर में पड़ेगी। वेदप्रकाश सिंह ने बताया, इस बार ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग सबसे ज्यादा ठिठुरेंगे। यहां कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं भी चलेंगी।