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भोपाल मास्टर प्लान: जयवर्धन बोले- भाजपा चाहती है अवैध कॉलोनियां कटें, पीसी शर्मा 31 घंटे के उपवास पर बैठे

Fri, 11 Sep 2026 03:24 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि प्लान नहीं होने से व्यापारी अनुमति और कारोबार के लिए नेताओं व दलालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वहीं पीसी शर्मा ने मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर 31 घंटे का उपवास शुरू किया और सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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भोपाल में 31 घंटे के उपवास पर बैठ कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान लागू नहीं होने से सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई, सीलिंग और दुकानों के बंद होने की  घटनाओं के पीछे भाजपा की साजिश है। वहीं, मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा शुक्रवार सुबह रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे के उपवास पर बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने मास्टर प्लान तुरंत लागू नहीं किया तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
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31 साल से अटका मास्टर प्लान, 2005 में आना था
जयवर्धन सिंह ने कहा कि बड़े शहरों का मास्टर प्लान सामान्य तौर पर हर 10 साल में आना चाहिए। भोपाल का आखिरी मास्टर प्लान 1995 में आया था। इसके बाद 2005 में नया मास्टर प्लान आना चाहिए था, लेकिन भाजपा सरकार इसे लगातार टालती रही। उन्होंने कहा कि 2018-19 में कांग्रेस की सरकार बनी तो कमलनाथ मुख्यमंत्री थे और वे नगरीय विकास मंत्री थे। सरकार ने भोपाल के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नया मास्टर प्लान तैयार कराया। सभी वर्गों से चर्चा और आपत्तियां लेने के बाद 7 मार्च 2020 को मिंटो हॉल में 2031 मास्टर प्लान का ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया था। जयवर्धन ने कहा कि सरकार कुछ समय और चलती तो यह मास्टर प्लान लागू हो जाता। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने इसे आगे नहीं बढ़ाया।

मास्टर प्लान नहीं होगा तो नेताओं के चक्कर काटेगा व्यापारी
जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर मास्टर प्लान लागू नहीं कर रही है। उनके मुताबिक, मास्टर प्लान नहीं होने से शहर में जमीन और कारोबार से जुड़े फैसलों को लेकर असमंजस बना रहता है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत होती तो कांग्रेस सरकार के तैयार किए ड्राफ्ट को आगे बढ़ाया जा सकता था। उनका आरोप है कि मास्टर प्लान नहीं होने की स्थिति में लोग नए कारोबार या अनुमति के लिए नेताओं, मंत्रियों और कथित दलालों के चक्कर काटते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान लागू होने पर आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली जमीन का स्पष्ट निर्धारण होगा और लोगों को कारोबार के लिए व्यवस्था मिलेगी।
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 पहले भाजपा कार्यालय पर बुलडोजर चलाएं
रोशनपुरा चौराहे पर उपवास शुरू करते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि 31 साल से भोपाल का मास्टर प्लान नहीं आया है, जबकि इसे 10 साल में आ जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 2031 का मास्टर प्लान तैयार था और विभिन्न वर्गों से चर्चा भी हो चुकी थी। व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर आवासीय क्षेत्र में व्यवसाय को लेकर कार्रवाई हो रही है तो अरेरा कॉलोनी E-2 स्थित भाजपा कार्यालय पर भी बुलडोजर चलना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार वह भी आवासीय क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखना चाहिए और ऐसा मास्टर प्लान लाना चाहिए, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित भू-उपयोग की स्पष्ट व्यवस्था हो।

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दुकान-मकान तोड़कर लोगों को बेरोजगार करना गलत
पीसी शर्मा ने कहा कि यदि किसी आवासीय क्षेत्र में वर्षों से व्यवसाय चल रहा है तो सीधे दुकान तोड़ने के बजाय उसके व्यवस्थापन की व्यवस्था की जानी चाहिए। नए बाजार विकसित कर प्रभावित कारोबारियों को वहां स्थान दिया जाए। उन्होंने कहा कि ताबड़तोड़ कार्रवाई कर लोगों को बेरोजगार करना और दुकान-मकान तोड़ना उचित नहीं है। इसी मांग को लेकर वे 31 घंटे के उपवास पर बैठे हैं। यदि सरकार ने मास्टर प्लान तुरंत लागू नहीं किया तो कांग्रेस बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।
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