प्रदेश के करीब 7227 हाजियों में से एक जत्था इंदौर एयरपोर्ट पर आ चुका है। दूसरा जत्था भोपाल आया, जिसमें करीब 177 हाजी वापस आए हैं। इनमें भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और चंबल संभाग के हाजी शामिल हैं।
करीब सवा महीने अपनों से दूर... पराए परदेस में सफर की दुश्वारियां... विपरीत मौसम की मार और दिन-रात की मेहनत भरी भागदौड़। लेकिन दिल में एक सुकून कि उनकी अकीदत और इस्लाम का फरीजा पूरा करने के लिए अल्लाह ने उन्हें मौका दिया। सफर ए हज से वापसी हुई तो नजरों के सामने अपनों को देखकर आंखों में खुशी के आंसू झिलमिलाने लगे।
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नजारा राजधानी के राजभोज एयरपोर्ट पर प्रदेश के हाजियों की वापसी के वक्त दिखाई दिया। बड़ी तादाद में परिजन अपनों के इस्तकबाल के लिए पहुंचे थे। हज कमेटी अध्यक्ष रफत वारसी के साथ कमेटी के जिम्मेदार भी यहां मौजूद थे। मदीना से लौटे हाजियों को फूलों के साथ खुश आमदीद कहा गया। गले लगकर हाजियों से दुआएं लीं।
पहुंचे 177 हाजी
प्रदेश के करीब 7227 हाजियों में से एक जत्था इंदौर एयरपोर्ट पर आ चुका है। दूसरा जत्था भोपाल आया, जिसमें करीब 177 हाजी वापस आए हैं। इनमें भोपाल के अलावा नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और चंबल संभाग के हाजी शामिल हैं। प्रदेश के हाजियों की एक और उड़ान शुक्रवार दोपहर भोपाल एयरपोर्ट पर आएगी। इसके बाद बाकी हाजियों की आमद मुंबई एयरपोर्ट से होगी।