फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: दो महीने से संचालित थी एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री, 10 महीने पहले हुए खुलासे से नहीं लिया सबक

Wed, 20 Aug 2025 09:23 AM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी दस महीने पहले अक्टूबर 2024 में मिसरोद थाना क्षेत्र में स्थित बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ाई एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री के बाद भी नहीं चेते हैं।अब डीआरआई ने भोपाल के पास जगदीशपुर में छापा मारकर 92 करोड़ की 61.2 किलो एमडी ड्रग्स जब्त  किया है।
विज्ञापन
पकड़ी गई ड्रग फैक्टरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 राजधानी भोपाल से दूर जगदीशपुर में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री करीब दो महीने से संचालित की जा रही थी। इस फैक्ट्री को विदिशा निवासी रज्जाक खान नाम का व्यक्ति किराये का मकान लेकर चला रहा था। रज्जाक ने दो महीने पहले ही उक्त मकान को खरीदने का सौदा किया था, लेकिन सवा लाख रूपए एडवांस देकर बाकी पैसा सितंबर महीने में देने का वादा कर एमडी ड्रग्स बनाने का कारखाना संचालित करने लगा था। हालांकि रज्जाक तो एक माहेरा है, असली खिलाड़ी विदेश में बैठा है।केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने भोपाल के पास जगदीशपुर (इस्लामपुरा) में छापा मारकर 92 करोड़ की 61.2 किलो एमडी ड्रग्स जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मुंबई और सूरत में छापेमारी कर पांच अन्य लोगों  को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन


दस महीने पहले पकड़ाई एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री
भोपाल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी दस महीने पहले अक्टूबर 2024 में मिसरोद थाना क्षेत्र में स्थित बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ाई एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री के बाद भी नहीं चेते हैं। बगरोदा में महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला सान्याल बाने भोपाल के केमिस्ट अमित चतुर्वेदी के साथ मिलकर फैक्ट्री को किराये पर लेकर एमडी ड्रग्स बना रहा था। इसका खुलासा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने गुजरात एटीएस के साथ मिलकर किया था। इस खुलासे के बाद भोपाल के साथ आसपास के जिलों में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों, गतिविधियों, गोदामों और बंद पड़ी फैक्ट्रियों की जांच पुलिस, जिला प्रशासन और उद्योग विभाग के अधिकारी मिलकर कर रहे थे। लेकिन दस महीने बाद ही भोपाल में फिर एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद स्पष्ट हो गया है कि यह सरकारी विभाग के अधिकारी जांच और निगरानी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे थे। 

यह भी पढ़ें-चुनाव आयोग का अपमान कर रही कांग्रेस, सारंग बोले- 27 सीटें घटा दें तो भी BJP को प्रदेश में बहुमत मिलता
विज्ञापन


अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया
उल्लेखनी है कि डीआरआई ने इस्लामपुरा स्थित जिस मकान के अंदर एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री का खुलासा किया है, उसके चारों तरफ स्टील चादर की दीवार बनाकर उसको अंडर कंस्ट्रक्शन दिखाने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि इस फैक्ट्री तक कोई  पहुंच न पाए, लेकिन उत्तर प्रदेश में पकड़ाए एक ड्रग पैडलर ने इस फैक्ट्री का खुलासा डीआरआई के अधिकारियों से किया था। इसके बाद यहां कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश के बस्ती का रहने वाला आरोपी मुंबई से भोपाल तक एमडी ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल और कच्चा माल पहुंचाने का कार्य करता था। उसी ने फैक्ट्री का खुलासा किया।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-ट्रेन से लापता अर्चना नेपाल बॉर्डर पर मिली, 13 दिन तक कहां थी, ग्वालियर आरक्षक कनेक्शन क्या?

भाजपा सरकार उड़ता पंजाब बना रही एमपी को 
इस मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में बार-बार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, वह भी मुख्यालय पर। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुलिस सो रही है। क्या नारकोटिक्स विभाग और ड्रग कंट्रोलर को जानकारी नहीं होती कि किस फैक्ट्री में कौन-सी दवाई या ड्रग तैयार हो रहा है। मुझे लगता है कि उन्हें इसकी जानकारी थी, लेकिन फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यह सरकार की नाकामी है। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूछना चाहता हूं कि क्या आप प्रदेश को ‘उड़ता पंजाब’ बनाना चाहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें