राजधानी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के हमीदिया अस्पताल को चलाने के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है, इस वजह से अस्पातल मे आउटसोर्स के माध्यम से काम करने वाले 400 से अधिक कर्मचारियों को सैलरी दे पाना मुश्किल हो रहा है। इसे लेकर आउटसोर्स कर्मचारी कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लेकिन सरकार द्वारा इसे लेकर कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए उन्हें एक-दो महीने की सैलरी देकर शांत कर दिया जाता है। अब जीएमसी प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जाएगा। इसे लेकर प्रक्रिया भी जारी हो गई है जीएमसी प्रबंधन ने 100 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है कि 31 दिसंबर उनकी नौकरी का आखिरी दिन होगा। ऐसे में 411 आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी पर तलबार लटक गई है।
मंत्री के बंगले पर भूख हड़ताल करेंगे
हमीदिया अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि यह सब हड़ताल करने के बाद किया जा रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें नौकरी से निकाला गया तो वे स्थ्य मंत्री के बंगले पर भूख हड़ताल करेंगे। जबकि जीएमसी प्रबंधन का कहना है कि उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है।
हड़ताल के बाद केवल 1 महीने की मिली सैलरी
आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल के बाद उन्हें एक माह की सैलरी दे दी गई है। जबकि कर्मचारियों की मांग थी कि पेडिंग दो माह का वेतन दिया जाए और दीपावली पर मिलने वाला बोनस भी नहीं दिया गया। गौरतलब है कि अस्पताल में कुल 1873 कर्मचारी हैं, जिनमें जीएमसी प्रबंधन ने प्रशासन को पत्र लिखकर 800 कर्मचारियों को वेतन देने की बात कही थी, इसमें से प्रशासन ने 400 कर्मचारियों को वेतन देने की मांग मानी। ऐसे में शेष बचे 400 कर्मचारियों को जीएमसी को अपने बजट में से सैलरी देना पड़ रही है। इसलिए जीएमसी प्रबंधन ने बजट न होने की बात कहकर 400 कर्मचारियों को निकालने की बात कही है।