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Bhopal: भोपाल में छापेमारी मामले में उप नेताप्रतिपक्ष कटारे ने कहा पूर्व मुख्य सचिव मास्टमाइंड, सरकार को घेरा

Sun, 22 Dec 2024 06:42 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में लोकायुक्त की छापेमारी मामले में उप नेताप्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने प्रेस कांफ्रेंन्स कर सरकार को घेरा है ।उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव मास्टमाइंड हैं राजेश शर्मा तो छोटी मछली है। 
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उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे की प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में पिछले दिनों हुई इनकम टैक्स और लोकायुक्त की छापेमारी के दौरान कई बड़े मामले सामने आए हैं। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने रविवार को पीसीसी में प्रेसवार्ता कर सरकार को जम कर घेरा है। उन्होंने कहा कि त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कम्पनी के मालिक राजेश शर्मा के घर पर हुई छापेमारी के मामले राजेश शर्मा तो छोटी सी मछली है, इसके पीछे पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस मास्टमाइंड हैं।
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बैंस ने किया पद दुरुपयोग 
हेमंत कटारे ने राजेश शर्मा को इकबाल सिंह का पपेट बताया। कटारे ने कहा कि बड़े-बड़े मगरमच्छ इकबाल सिंह बैस, पूर्व ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर, वर्तमान परिवहन मंत्री और कई अधिकारियों की जांच हो तो यह राशि कम-से-कम 20 हजार करोड़ रुपए की होगी। कटारे ने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव रहते हुए इकबाल सिंह ने पद का दुरुपयोग किया। उन्होने अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने वाली कई परमिशनें ।कटारे ने कहा कि इकबाल सिंह बैस और राजेश शर्मा के बीच गठजोड़ है। दोनों के पारिवारिक और व्यावसायिक संबंध हैं। कटारे ने बताया कि ग्राम सेवनिया गौड में सेंट्रल पार्क प्रोजेक्ट चल रहा है।


सोने के रूप में पीला धन वापस आया
हेमंत कटारे ने कहा कि काला धन वापस लाने का वादा किया गया था, लेकिन सोने के रूप में पीला धन वापस आया है। पहले नोट गिनने की मशीन बुलाई जाती थी, अब तराजू बुलाए जा रहे हैं। कटारे ने कहा कि एक सौरभ शर्मा का सच तो सामने आ गया, लेकिन वर्तमान में व्यवस्था को चलाने वाला दूसरा सौरभ कौन है। उसका सच कब सामने आएगा?
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स्टाफ की संलिप्तता की भी हो जांच 
उन्होंने वर्तमान परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह को घेरते हुए कहा कि इस मामले में उनके स्टाफ की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि मेरे सूत्रों द्वारा यह जानकारी उपलब्ध कराई गई है कि आज भी कुछ परिवहन नाकों को गौरव पाराशर एमन्तवक नाम से संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘पूर्व और वर्तमान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और परिजनों की सम्मति की जांच कब शुरू होगी।

 

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