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भोपाल निर्भया केस में बड़ा खुलासा, आरोपी ने आधे घंटे पहले की थी घटनास्थल की रेकी

Sun, 21 Feb 2021 12:19 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश के भोपाल में रहने वाली 24 साल की एक लड़की के साथ हुई वारदात ने सबको हिलाकर रख दिया। पीड़िता की आपबीती सुनने के बाद इलाके में डर का माहौल पैदा हो गया है। लोग अपनी बच्चियों को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं अब इस घटना में एक और खुलासा हुआ है।
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सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक लड़की पर हमला करने के 30 मिनट पहले ही आरोपी ने घटनास्थल की रेकी कर ली थी। युवती पर हमला करते सीसीटीवी में कैद युवक करीब शाम के 7:30 बजे जेके अस्पताल के गेट नंबर दो से दानिशकुंज की ओर जा रही सड़क पर बनी पुलिया पर पहुंचा था।


युवक ने यहां सड़क और पुलिया के पास से बनी खेत का मुआयना किया था। इसके बाद वह पुलिया से कूदकर जेके हॉस्पिटल कैंपस में दाखिल हुआ था। इसके बाद वह पुलिया के किनारे खड़ा हो गया।

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इसके करीब पांच मिनट बाद जैसे ही निक्की जेके हॉस्पिटल से दानिशकुंज के लिए शाम के वॉकिंग पर निकली वैसे ही शख्स भागकर जेके हॉस्पिटल के पास आ गया। फिर वह जैसे ही वह वापस लौटने लगी इसी दौरान आरोपी ने उसे धक्का दे दिया, जिससे वह पुलिया से नीचे गिर गई और वह युवक भी वहां कूद गया फिर घटना को अंजाम देने लगा।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती
भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाली 24 साल की लड़की ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, 'मैं 16 जनवरी की शाम हर रोज की तरह टहलने निकली थी। जेके हॉस्पिटल के पास सामने से एक लड़का आया और मुझे तेजी से धक्का मारकर गिरा दिया। मैं सीधे सड़क किनारे पांच फीट गहरी खंती में गिर गई। इससे मेरी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसने झटके से मुझे झाड़ियों में पटक दिया। वह मेरे साथ घिनौनी हरकत करने लगा। अपने दांतों से जख्म दिए। मैं हाथ-पैर चलाकर बचती रही, लेकिन वह पीट रहा था।'

'मैं चिल्लाई तो उसने पत्थर उठाकर सिर पर कई बार मारा। मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या करूं। मुझे लगा वह मार डालेगा। मैं बेबस हो गई और जान बचाने के लिए मुझे गिड़गिड़ाते हुए कहना पड़ा- जो करना है कर लो पर पत्थर मत मारो। उसने पत्थर मारना बंद कर दिया, पांच मिनट तक शरीर से बदसलूकी करता रहा। मैं मदद के लिए चिल्लाई। मेरी आवाज सुनकर कुछ लोग आ गए तो दरिंदा भाग गया।'

पीड़िता को एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। उसे दरिंदे ने इस कदर पीटा था कि उसके सिर, गले गंभीर चोटें आईं और उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। इस वजह से उसे करीब 10 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। बता दें, पीड़िता को अस्पताल से 25 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया, लेकिन वह अभी अपनी मां की देखरेख में घर पर बिस्तर पर ही है। वह चल फिर तो क्या एक इंच हिल भी नहीं सकती। 
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केस में अब तक क्या-क्या हुआ
16 जनवरी- शाम को वॉक पर निकली पीड़िता के साथ आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। उसी दिन एम्स ने बागसेवनिया थाने में घटना की सूचना दी।
17 जनवरी- एम्स और बागसेवनिया पुलिस ने कोलार पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की।
18 जनवरी- पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। जांच के लिए एक टीम हरियाणा भेजी। वहां एक संदिग्ध युवक से पूछताछ की। 
19-22 जनवरी- पुलिस के बुलाने पर संदिग्ध युवक के परिजन भोपाल आए। 
25 जनवरी- पीड़िता एम्स से डिस्चार्ज होकर घर आई।
9 फरवरी- पुलिस ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया। उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
19 फरवरी- कलेक्टर-डीआईजी ने पीड़िता से मुलाकात की। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। अन्य धारां जोड़ीं।
 

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