मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह सांची दूध संघ से जुड़े किसानों और कर्मचारियों के पक्ष में उतर आए हैं उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में सीएम से सांची दुग्ध संघ, भोपाल से जुड़े किसानों और कर्मचारियों की परेशानियों पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांची दुग्ध संघ को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को सौंप रही है और ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस प्रक्रिया से किसानों और कर्मचारियों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पत्र में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सांची दुग्ध संघ को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) को सौंपे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यहां के लोगों को किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए।
सांची दुग्ध संघ लाखों किसानों कर्मचारियों का आजीविका स्रोत
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि सभी बिंदुओं पर ध्यान देते हुए संबंधित विभागों को समुचित निर्देश दिए जाएं ताकि किसानों और कर्मचारियों के हित सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि भोपाल दुग्ध संघ, जो प्रदेश के लाखों किसानों और कर्मचारियों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है, उनके हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
पत्र में ये हैं प्रमुख मांगे
1. एनडीडीबी को सौंपने के पश्चात दुग्ध संघ से जुड़े किसानों और कर्मचारियो के हितों का हनन नही होना चाहिये।
2. अमूल पर आश्रित बनाकर ना छोड़ा जाए।
3. एनडीडीबी से मिलकर बनाई गई समिति में संघ से जुडे़ किसान प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिये।
4. भोपाल दुग्ध संघ द्वारा किसानों को अन्य जिलों की अपेक्षा कम मूल्य दिया जा रहा है जिसे बढ़ाया जाना चाहिये।
5. राजगढ़ जिले सहित पूरे प्रदेश में दूध में मिलावट करने वाले खुलेआम कारोबार चला रहे है इनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही किया जाना चाहिये।
6. दूध पर 5 रूपये बोनस देने का वादा किया गया था जो आज दिनांक तक लंबित है।