राजधानी भोपाल में 153 पर करोड़ की लागत से बने आंबेडकर सेतु (जीजी फ्लाईओवर) में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं की जिससे पानी भराव की स्थिति बन रही है और 3 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। सोमवार को सुबह से शाम तक जाम रहा। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की नींद खुली है चीफ इंजीनियर पीसी वर्मा ने कहा है कि हम उसकी जांच कर रहे हैं और पुल बनाने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई करेंगे। इधर मंगलवार को पीडब्ल्यूडी और नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा औऱ नालियां बनाने का काम शुरू किया।, जेसीबी की खुदाई का काम शाम तक चलता रहा। ट्रैफिक बाधित न हो, इसलिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी तैनात रहे। ब्रिज के आसपास नगर निगम की टीम दिनभर पानी निकासी की व्यवस्था बनती रही।
जाने क्यों लग रहा जाम
गणेश मंदिर के सामने ट्रैफिक आइलैंड पर पानी जमा हो गया, इसके चलते वाहन फंस रहे है और जाम लग रहा है। इधर ज्योति टॉकीज के पास नालियां चोक हैं व छोटी हैं। सड़क की ढाल भी सही नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क ठीक करने के साथ, ड्रेनेज सिस्टम बनाना पड़ेगा। इसके बाद ही राहत मिलेगी।
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प्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर
जानकारी के लिए बतादें कि यह मध्यप्रदेश का सबसे लंबा फ्लाईओवर है। इस फ्लाईओवर को 154 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इसकी वजह से एमपी नगर से गुजरने वाला ट्रैफिक 60 प्रतिशत तक कम हुआ है। जिन्हें होशंगाबाद रोड से अरेरा हिल्स, जेल पहाड़ी, वल्लभ भवन, सतपुड़ा, विध्यांचल भवन की ओर आना-जाना हो तो उनके लिए ब्रिज काफी कारगार साबित हो रहा है, लेकिन सोमवार को फ्लाईओवर के जाम ने हजारों लोगों की मुसीबतें भी बढ़ा दी थी। इस ब्रिज से एमपी नगर का 60 प्रतिशत ट्रैफिक यानी 6 हजार गाड़ियां हर दिन गुजर रही है। करीब पौने 3 किमी दूरी तय करने में अब 5 मिनट का समय लग रहा है। पहले सड़क मार्ग पर दो ट्रैफिक सिग्नल और चौराहों पर जाम की वजह से ये दूरी तय करने में 30 मिनट से अधिक लग जाते थे।
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संबंधित पर करेंगे कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर पीसी वर्मा ने अमर उजाला से बात करते हुए बताया कि अंबेडकर सेतु के दोनों तरफ जल भराव की जानकारी मिली है। हम इसकी जांच कर रहे हैं। इसमें जो भी गलतियां होगी उसको सुधारा जाएगा। जल्द ही पानी निकासी की पूरी व्यवस्था कर दी जाएगी। जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। संबंधित ठेकेदार पर कार्रवाई भी करेंगे।