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Bhopal Crime: पिता ने आठ साल के बेटे की गला दबाकर की हत्या, थाने पहुंचकर बताई चौंकाने वाली वजह

Fri, 12 Jul 2024 10:05 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल

सार

एक सिक्योरिटी गार्ड पिता ने अपने ही आठ साल के बेटे की सोते समय गला दबाकर हत्या कर दी और थाने जाकर घटना कबूल कर ली। दरअसल यह बालक डाउन सिंड्रोम से पीड़ित था।
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पिता ने आठ साल के बेटे की सोते समय गला दबाकर हत्या कर दी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल राजधानी के कोलार इलाके में शुक्रवार सुबह एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। यहां रहने वाले एक सिक्योरिटी गार्ड पिता ने अपने ही आठ साल के बेटे की सोते समय गला दबाकर हत्या कर दी और थाने जाकर घटना कबूल कर ली। दरअसल यह बालक डाउन सिंड्रोम से पीड़ित था। परिवार ने उसके इलाज में लाखों रुपये खर्च कर दिए थे, लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा था। आगे उसका इलाज और भविष्य का क्या होगा, इसको लेकर पिता काफी परेशान चल रहा था। 
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पुलिस के मुताबिक गणपति इन्क्लेव स्थित राधाकृष्ण कॉम्प्लेक्स में रहने वाले अनिताभ फिरवरकर एक सिक्योरिटी एजेंसी में काम करता है। वह अपनी पत्नी, आठ साल के बेटे आरव और बुजुर्ग सास के साथ रहता है। आरव जन्म से ही मनोरोगी था, जिसका परिवार वाले इलाज करवा रहे थे। उसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। यहां तक कि पिता का खुद का मकान भी बिक चुका है, लेकिन बेटे की बीमारी ठीक नहीं हुई। बच्चे के भविष्य को लेकर परिवार काफी चिंतित रहता था। 

सोते समय पिता ने दबा दिया गला 
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अनिताभ की पत्नी छत पर कपड़े सुखाने गई थी, जबकि बुजुर्ग सास अपने कमरे में थी। सास को आंखों से कम दिखाई देता है। उस वक्त आरव पलंग पर सो रहा था। पिता अनिताभ ने इसी बीच गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कुछ देर बाद पत्नी ने बेटे को बेसुध देखा तो उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इधर पत्नी जब बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले गई तो अनिताभ घर से निकलकर कोलार थाने पहुंच गया और बच्चे का गला दबाने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया है। 
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क्या होता है डाउन सिंड्रोम
यह आनुवंशिक रोग है। इससे बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास में देरी होती है। डाउन सिंड्रोम के कारण चेहरे की अलग बनावट और स्वरूप तथा मानसिक दिव्यांगता होती है। डाउन सिंड्रोम से ग्रस्त लोगों की औसत जीवन 60 वर्ष तक हो सकता है। देश में हर साल इसके 10 लाख मामले सामने आते हैं।
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