राजधानी के जिला अस्पताल जयप्रकाश नारायण (जेपी) में जल्द ही 240 बेड और बढ़ जाएंगे। दरअसल अस्पताल में बन रही नई बिल्डिंग लंबे इंतजार के बाद इसी महीने 30 जुलाई तक पीडब्ल्यूडी हैंडओवर करने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि यह भवन अधूरा ही मिलने वाला है। नए भवन में अभी भी दो मंजिल का निर्माण कार्य अधूरा है। इसके अलावा, इस नए भवन को पुराने भवन से जोड़ने के लिए दो फुट ओवरब्रिज भी बनाए जाने हैं, जिनमें समय लगेगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए, अस्पताल प्रबंधन के लिए निर्माणाधीन बिल्डिंग में उपकरणों को शिफ्ट करना और मरीजों को इलाज मुहैया कराना जोखिम भरा हो सकता है।
काम पूरा होने में दिसंबर तक लग सकता है समय
जिस गति से नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, उसे पूरा होने में दिसंबर माह तक का समय लगने की उम्मीद है। भवन का निर्माण पूरा होने के बाद, इसमें उपकरण, बेड की शिफ्टिंग और नए उपकरणों की खरीद जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी होंगे, जिसमें अतिरिक्त समय लग सकता है। अब देखना होगा कि इसे लेकर अस्पताल प्रबंधंन क्या निर्णय लेता है।
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इसी महीने कर देगें हैंडओवर
पीडब्लूयडी के एसडीओ अरविंद गुप्ता ने कहा है कि अस्पताल के तीन फ्लोर पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं। कुछ काम बाकि है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसी महीने के 30 तारीख तक भवन को अस्पताल प्रबंधंन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जल्द ही दो फ्लोर और बाकी बचे काम को पूरा कर दिया जाएगा। वहीं जेपी अस्पताल के अधीक्षक राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि इस बारे में हमे अभी कुछ जानकारी नहीं है।
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अस्पताल के नए भवन में ऐसी रहेगी सुविधा
1- ग्राउंड फ्लोर: इस पर इमरजेंसी वार्ड होगा, जिसमें कुल 30 बेड होंगे। इसमें 10 बेड का फीमेल इमरजेंसी वार्ड, 10 बेड का मेल इमरजेंसी वार्ड और 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड शामिल होगा।
2- फर्स्ट फ्लोर: यहां कुल 41 बेड होंगे। इसमें महिलाओं के लिए 25 बिस्तर वाला सर्जिकल वार्ड और पुरुषों के लिए 10 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड होगा। इसके साथ ही, आठ बिस्तरों के प्राइवेट वार्ड भी बनाए जाएंगे।
3- सेकेंड और थर्ड फ्लोर: सेकेंड फ्लोर पर मेल सर्जिकल वार्ड और फीमेल सर्जिकल वार्ड दोनों होंगे, जिनमें प्रत्येक में 25-25 बेड होंगे। यहां 9 बेड का प्राइवेट वार्ड भी होगा। थर्ड फ्लोर पर भी 25 बेड होंगे और चार नए ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें मॉडर्न उपकरण और सर्जरी की तमाम सुविधाएं होंगी। इस फ्लोर पर भी 25 बेड का फीमेल सर्जिकल वार्ड होगा।
4- फोर्थ और फिफ्थ फ्लोर: फोर्थ फ्लोर पर 50 बेड का महिला और पुरुष सर्जिकल वार्ड होगा। फिफ्थ फ्लोर पर 33 बिस्तरों का वार्ड रहेगा। सबसे खास बात यह है कि पांचवीं मंजिल पर एक ब्लड बैंक भी बनाया जाएगा, जिससे मरीजों को रक्त के लिए कहीं भटकना न पड़े और उन्हें अस्पताल में ही आसानी से मिल जाए।