मध्य प्रदेश के मौसम में लगातार उतार- चढ़ाव जारी है। पहले कड़ाके की ठंड इसके बाद बारिश और अब तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। इस वजह से प्रदेश की राजधानी में बीमारियां पैर पसारने लगी हैं। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 40 फ़ीसदी तक बढ़ गई है इनमें सबसे ज्यादा वायरल इंफेक्शन और सर्दी खांसी के मरीज पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इन बीमारियों को पूरी तरह ठीक होने में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। जानकारी के अनुसार बुखार, गले में खराश और सूखी खांसी की समस्या लेकर ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रहा कफ सीरप भी लोगों को आराम नहीं दे रही है।
तापमान में बदलाव से बढ़ी बीमारियां
जेपी अस्पताल के मेडिसिन विभाग के डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दिन में गर्मी और रात में सर्दी कारण वायरल इंफेक्शन ज्यादा हो रहा है। इसके साथ ही वायरस का ट्रेंड भी बार-बार बदल रहा है। 40 प्रतिशत लोग जुकाम, खांसी होने के बाद जा रहे हैं। इसलिए रिकवरी में 10 से 15 दिन लग रहे है। वहीं ठंडी पदार्थ और बाहर के भोजन से भी इंफेक्शन ठीक होने में समय लग रहा है।
बच्चों में निमोनिय मामले बढ़े
राजधानी भोपाल मेे वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, निमोनिया के मरीज तेजी से बढ रहे है। हमीदिया अस्पातल से बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश टिक्कस का कहना है कि मौसम में बदलाव से.खासकर बच्चों के फेफड़ों में संक्रमण और निमोनिया के मामले 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। गौरतलब है कि 15 दिनों में शहर में करीब 40 फीसदी मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। सबसे ज्यादा मरीज एम्स की ओपीडी में पहुंचे हैं यहां करीब 15 दिन में 50 हजार मरीजों ने इलाज कराया। वहीं, हमीदिया अस्पताल में 30 हजार और जेपी अस्पताल में 18 हजार मरीज पहुंचे हैं।
25 फीसदी मरीजों को खांसी की समस्या
राजधानी भोपाल के अस्पतालों में खांसी के मरीजों की ओपीडी 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी 25 प्रतिशत मरीज खांसी से पीड़ित है, जिस पर दवाइयों का असर कम हो रहा है। इन्हें ठीक होने में भी 10 से 15 दिन लग रहे हैं। खांसी का संक्रमण ज्यादा है। बच्चे हो या फिर व्यस्क, सभी आयु वर्ग में खांसी ज्यादा लंबी खिंच रही है।