चारों बच्चों के साथ मां और चिकित्सकों की टीम
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राजधानी भोपाल के कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में 2 माह पहले ज्योति नाम की एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। दरअसल बच्चों का जन्म समय से पूर्व सातवें माह में हो गया था, इसलिए सभी बच्चों का वजन काफी कम था और सभी बच्चे सीरियस हालत में थे। अस्पताल के चिकित्सकों ने 60 दिन की कड़ी मेहनत के बाद सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया और सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी है।
विवाह के 5 साल बाद चार बच्चों को दिया जन्म
नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि यह डिलीवरी 9 अप्रैल को चिकित्सालय में हुई थी। उन्होंने बताया कि विवाह के 5 वर्षों बाद ज्योति गर्भवती हुई थीं। प्रसव प्री-टर्म (समयपूर्व) था और चारों नवजात शिशुओं का वजन अत्यंत कम था। इनमें से एक शिशु का वजन 1 किलोग्राम से भी कम था, जबकि अन्य तीन का वजन लगभग 1 किलोग्राम के आसपास था।
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शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई
डॉ. रचना दुबे ने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होती है। कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में यह संपूर्ण चिकित्सा सुविधा फ्री उपलब्ध कराई गई। चारों ही नवजातों को लगभग 60 दिनों तक चिकित्सालय में रखकर समुचित देखभाल प्रदान की गई। चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और प्रयासों के फलस्वरूप चारों नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और 9 जून को माह ज्योति को अस्पताल से विधिवत डिस्चार्ज कर दिया गया।
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इन चिकित्सकों की रही प्रमुख भूमिका
इस संपूर्ण चिकित्सा प्रक्रिया का कुशल नेतृत्व नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के मार्गदर्शन में किया गया। नवजातों की देखभाल में प्रमुख रूप से डॉ. सुजाता जनवदे, डॉ. स्मिता सक्सेना, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. प्रतिभा रैकवार सहित डॉ. अमित, डॉ. लोकनाथ, डॉ. निर्मला, डॉ. गरिमा, डॉ. राकेश और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ योगदान दिया।