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Bhopal Crime: ऐशबाग के निलंबित टीआई गढ़वाल की मुश्किलें बढ़ीं, परिवाद दायर, तीन पुलिसकर्मी हो चुके हैं निलंबित

Mon, 10 Mar 2025 08:03 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

ऐशबाग थाना पुलिस के निलंबित थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल और अन्य पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार और घूसखोरी के आरोप हैं। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति से चरस तस्करी का झूठा मामला बनाने के बदले घूस मांगी गई। इसके बाद हफ्तावसूली और धोखाधड़ी के आरोप भी सामने आए हैं।
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ऐशबाग थाना प्रभारी की मुसीबत बढ़ रही हैं - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ऐशबाग थाना पुलिस के दिन इस समय ठीक नहीं चल रहे हैं। फर्जी कॉल सेंटर संचालक और उसके रिश्तेदारों को प्रकरण में बचाने के आरोप में 25 लाख की घूसखोरी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बनाए गए निलंबित थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल अब करीब डेढ़ महीने पहले एक युवक को चरस के साथ गिरफ्तार मामले में भी उलझते जा रहे हैं। मादक पदार्थ की तस्करी में आरोपी बनाए गए फरहान की पत्नी रेशमा ने भोपाल जिला अदालत में परिवाद दायर कर दिया है। इस मामले में थाने के तत्कालीन पुलिसकर्मियों से उसके पति और उससे पैसों के लेनदेन को लेकर हुई बातचीत का ऑडियो और कुछ वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं।
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भोपाल जिला अदालत में दायर यह परिवार ऐशबाग थाने के निलंबित टीआई गढ़वाल और फरहान से घूस लेने वाले और मांगने वाले तीन निलंबित पुलिसकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ा सकता है। यह घटना जनवरी महीने के अंतिम दिनों और फरवरी माह के पहले सप्ताह के दौरान मीडिया की सुर्खियां बनी हुई थी।

जानकारी के अनुसार फरहान की पत्नी रेशमा ने परिवाद में आरोप लगाए हैं कि उसके पति से दो लाख रुपये मांगे गए थे, नहीं देने पर उसके खिलाफ चरस तस्करी का झूठा प्रकरण दर्ज कर जेल भेजा गया। इसके बाद उसके देवर अली अब्बास को जुआ चलाने के बदले हफ्ता मांगा गया। रेशमा का आरोप है कि अजय, एएसआई पवन सिंह रघुवंशी और दो अन्य पुलिसकर्मियों ने देवर अली अब्बास को जुए का फड़ चलाने के लिए ब्याज पर रुपये दिए थे। हफ्ता नहीं बढ़ाने पर मेरे देवर अली अब्बास को भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। इस बातचीत के भी ऑडियो कोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं। अब्बास पुलिस की डर से जहर खा लिया था, हालांकि वह अब पूरी तरह से स्वस्थ थे। घूसखोरी, अड़ीबाजी और हफ्तावसूली के आरोप में एएसआई पवन रघुवंशी को फरवरी महीने के पहले सप्ताह में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल ने ही बचाया था। आरक्षक अजय सहित तीन पुलिसकर्मी इस मामले में निलंबित किए गए थे। अब निवेश के नाम धोखाधड़ी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर के आरोपियों से 25 लाख की घूस की पहली किश्त लेते हुए एएसआई रघुवंशी पकड़ाया और फरार है। इस बीच यह नया केस ऐशबाग थाने के लिए बड़ी मुसीबत बनने जा रहा है। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के बाद ही पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसेगा। 
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