बदमाश जेल से छूटकर फिर वारदात करने लगे थे।
- फोटो : अमर उजाला
कमला नगर पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों से चोरी की तीन बाइक और सोने-चांदी के आभूषण समेत करीब 13.50 लाख रुपये का माल बरामद हुआ है। तीनों शातिर बदमाश हैं, जिन्हें तीन-तीन साल की सजा भी हो चुकी है। कुछ महीने पहले ही वह जेल से बाहर निकले थे, जिसके बाद दोबारा से वारदातें करनी शुरू कर दी थीं। प्रारंभिक पूछताच में कमला नगर, कोतवाली, पिपलानी और तलैया में हुई कुल 6 वारदातों का खुलासा हुआ है।
एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल दुबे ने बताया कि सहयाद्री परिसर कमला नगर में रहने वाले सतीश कुमार नेमा बीती 27 जनवरी को परिवार के साथ एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने चले गए थे। वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखे सोने के कंगन, सोने की चैन, पैंडल, 3 मंगलसूत्र, कान की चार बाली, चांदी की पायल, चांदी के सिक्के और 25 हजार रुपए नकदी समेत अन्य सामान गायब था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। दिनदहाड़े हुई चोरी की इस घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई थी।
सीसीटीवी कैमरे से मिला सुराग पुलिस टीम ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तो संदेही मकान के भीतर जाते हुए दिखाई दिए। इन दोनों की पहचान पुराने बदमाशों नियाज और राजू खत्री के रूप में हुई। बाद में दोनों को शास्त्री नगर स्थित मैदान के पास से पकड़ा गया तो उन्होंने अपने साथी आबिद के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों की निशानदेही पर कमला नगर, कोतवाली, तलैया और पिपलानी इलाके से चोरी की गई तीन मोटर सायकिलें और जेवरात समेत करीब 13.50 लाख रुपये का माल बरामद कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने इस मामले में आरोपी नियाज खान (40) निवासी बैंगलोर कर्नाटका हाल पता गड्डे वाली मल्टी टीटी नगर, राजू खत्री (52) निवासी गड्ढे वाली मल्टी टीटी नगर और आबिद खान (47) निवासी आष्टा जिला सीहोर को गिरफ्तार किया है। यह तीनों आपस में दोस्त हैं। आरोपी नियाज और राजू को चोरी के मामले में तीन-तीन साल की सजा हो चुकी थी। यह तीनों पिछले साल अक्टूबर और नवंबर महीने में जेल से बाहर आए थे। नंबर प्लेट बदलकर करते था वारदात कमला नगर थाना प्रभारी निरूप पांडेय ने बताया कि आरोपी चोरी की बाइकों की नंबर प्लेट बदलकर नकबजनी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। नियाज खान बैंगलोर और भोपाल दोनों स्थानों पर रहता है। सहयाद्री परिसर में वारदात के बाद तीनों भोपाल छोड़कर भागने वाले थे, लेकिन उसके पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।