भोपाल में मेजर से 14 लाख की ठगी का मामला सामने आया है।
- फोटो : अमर उजाला
राजधानी भोपाल के बैरागढ़ स्थित थ्री ईएमई सेंटर में पदस्थ सेना के एक मेजर को इंग्लैड के मोबाइल नंबर से वॉट्सएप पर कॉल आई और साइबर जालसाजों ने शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 14 लाख से अधिक की ठगी कर ली। ठगी का एहसास होने के बाद फरियादी मेजर ने पुलिस में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जालसाजों ने तकनीक का उपयोग कर आईपी एड्रेस छिपाने के लिए कॉल किया था।
ये भी पढ़ें-
माता-पिता ने छोड़ा नाबालिग का साथ तो दरिंदा बना सगा भाई, दुष्कर्म के लिए अब 20 साल की काटेगा सजा
भोपाल साइबर सेल के अनुसार 35 वर्षीय आशीष चौधरी पिता कुलदीप राज थ्री ईएमई सेंटर बैरागढ़ मं मेजर हैं। वे मूलत: पंजाब प्रांत के पठानकोट के रहने वाले हैं। अप्रैल 2024 में उनको एक वॉट्सएप कॉल इंग्लैंड के नंबर से आई। इसके बाद वॉट्सएप पर एक ग्रुप में जुड़ने की लिंक आई। लिंक के जरिए जब से वॉट्सएप ग्रुप में जुड़ गए तो उन्हें शेयर मार्केट में निवेश करने पर भारी मुनाफे के मैसेज आने शुरू हो गए। इसके बाद वे ग्रुप में आए मैसेज के आधार पर एक एप डाउपलोड कर लिया और उसके जरिए 24 लाख रुपए शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। जालसाजों ने भरोसा जीतने के लिए 10 लाख रुपए वापस कर दिए। इसके बाद मेजर आशीष का जालसाजों पर भरोसा हो गया और उन्हें लगा कि मैं सही शेयर मार्केट में पैसे लगा रहा हूं।
ये भी पढ़ें-
आर्थिक तंगी में पिता मोबाइल नहीं सुधरवा पाया तो बेटे ने लगा ली फांसी, चार दिन से खराब था फोन
आईपीओ के नाम पर और पैसे मांग रहे थे जालसाज
14 लाख रुपए फरियादी के आईपीओ आवंटन में लगाने का जालसाजों ने झांसा दिया। जब आईपीओ नहीं मिला तो मेजर अपना पैसा वापस निकालने का प्रयास करने लगे, जिसमें वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद वे जिस एप के जरिए उन्होंने निवेश किया था, उसके कथित संचालकों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि आपको 60 लाख रुपए का आईपीओ शेयर आवंटित किया गया है। आप और पैसा दीजिए आपको करोड़ों का फायदा होगा। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर सेल में शिकायत कर दी।
पुलिस ने कहा- ज्यादा मुनाफे के लालच में जमा पूंजी न गंवाएं
पुलिस उप-आयुक्त क्राइम ब्रांच व साइबर सेल अखिल पटेल ने कहा कि साइबर जालसाज मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। फर्जी एप के जरिए अच्छा रिटर्न का ऑफर देकर साइबर जालसाज ठगी करते हैं। इसके साथ ही शेयर ट्रेडिंग की रजिस्टर्ड संस्थाओं की मिलती-जुलती वेबसाइटें बनाकर भी साइबर जालसाज ठगी करते हैं। ऐसे निवेश ऑफरों से लोगों को सावधान रहना चाहिए, जिसमें कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया जा रहा हो। लोगों को निवेश कराने वाली संबंधित कंपनी, फर्म और एप के बारे में पुख्ता जानकारी लेने के बाद ही पैसे इन्वेस्ट करना चाहिए। साइबर क्राइम और स्टेट साइबर क्राइम समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी करती रहती है। जो भी ठगी की शिकायतें आती हैं, जल्दी प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जाती है।