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Saurabh Sharma Case: सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने केस की गंभीरता का दिया हवाला

Thu, 24 Apr 2025 05:06 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

ईडी की विशेष अदालत ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। गंभीर भ्रष्टाचार और हवाला मामले में दोनों जेल में हैं। अदालत ने जांच जारी रहने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत से इनकार किया।
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पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ईडी की विशेष अदालत ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल ने ईडी के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार घोष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर दिया है। 
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ईडी द्वारा आठ अप्रैल को सौरभ शर्मा सहित 12 आरोपियों के खिलाफ प्रस्तुत किए गए चालान के बाद सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, साले रोहित तिवारी और रिश्ते के जीजा विनय आसवानी को ईडी की विशेष अदालत से जमानत मिल चुकी है। हालांकि यह आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए थे। लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामले में विशेष न्यायालय से सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को जमानत मिल चुकी है, लेकिन ईडी प्रकरण में तीनों भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। 

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जानकारी के अनुसार 18 दिसंबर 2024 को परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके बिजनेस पार्टनर व राजदार चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल के निवास, कार्यालय और ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापेमारी की थी। छापेमारी में परिवहन विभाग से की गई करोड़ों की काली कमाई का खुलासा हुआ था। भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज कर लोकायुक्त मामले की जांच कर रही है। इस मामले में 19-20 दिसंबर की दरमियानी देर रात भोपाल के मेंडोरी के जंगल में आयकर विभाग ने चेतन सिंह गौर की लावारिस हालत में खड़ी इनोवा से 52 किलोग्राम से अधिक सोना और करीब ग्यारह करोड़ नकदी जब्त की थी। इसके बाद 27 दिसंबर को तीनों के खिलाफ घर, निवास और ठिकानों सहित ग्वालियर और जबलपुर स्थित रिश्तेदारों व करीबियों के यहां प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ था। प्रवर्तन निदेशालय ये हवाला और सेल कंपनियां बनाकर करोड़ों की काली कमाई को एक नंबर करने का मामला बनाकर आठ अप्रैल को विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तुत कर दिया है। ईडी 103 करोड़ से अधिक संपत्ति सौरभ और उससे जुड़े लोगों व कंपनियों की अब तक जब्त कर चुकी है।

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पूरक चालान की तैयारी, मां-पत्नी को मिल चुकी है जमानत
सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी, भोपाल निवासी रिश्ते के जीजा विनय को 10-10 लाख रूपए के बांड पर ईडी की विशेष अदालत जमानत दे चुकी है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। अब इस मामले में पांच मई को नियमित सुनवाई होनी है, जिसमें सुरक्षा कारणों से सौरभ, चेतन और शरद जायसवाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं, फैसला सुरक्षित रखा था
बुधवार को सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल के अलग-अलग अधिवक्ता कोर्ट में जमानत देने के लिए अपना पक्ष रखा था। बुधवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार घोष ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को लंच के बाद फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश ने कहा कि मामला बहुत गंभीर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल की जमानत अर्जी को नामंजूर किया जाता है। दोनों आरोपियों के पास अब जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं। हालांकि ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा है कि सभी 12 आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। पूरक चालान भी प्रस्तुत किया जाएगा, आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में इन आरोपियों को ईडी की जांच पूरी होने तक जमानत मिलना मुश्किल है।
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