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Bhopal: धोती-कुर्ते में उतरे क्रिकेटर, संस्कृत में गूंजा कमेंट्री बॉक्स, भोपाल में शुरू हुई अनोखी मैच शृंखला

Mon, 05 Jan 2026 06:22 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के अंकुर खेल मैदान में शुरू हुई महर्षि मैत्री मैच शृंखला-6 में क्रिकेट पारंपरिक अंदाज में खेला जा रहा है। खिलाड़ी धोती-कुर्ता और तिलक-त्रिपुंड के साथ मैदान में उतर रहे हैं, जबकि कमेंट्री पूरी तरह संस्कृत भाषा में हो रही है। वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट में 27 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 
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क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के शिवाजी नगर स्थित अंकुर खेल मैदान पर सोमवार से क्रिकेट का एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है। मैदान पर खिलाड़ी पारंपरिक जर्सी की जगह धोती-कुर्ता पहनकर खेल रहे हैं और कमेंट्री बॉक्स से हिंदी-अंग्रेजी नहीं, बल्कि संस्कृत भाषा की ध्वनि गूंज रही है। महर्षि मैत्री मैच शृंखला-6 का शुभारंभ हो चुका है और यह आयोजन 9 जनवरी तक चलेगा। वैदिक ब्राह्मण युवा खेल कल्याण समिति द्वारा परशुराम कल्याण बोर्ड के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 27 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यह शृंखला लगातार छठे वर्ष आयोजित की जा रही है और हर साल इसे देखने वालों की संख्या बढ़ रही है। बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु‎ राजोरिया ने बताया, ‎टूर्नामेंट में पूरे देश से 27 टीमें‎ हिस्सा लेंगी। यह आयोजन लगातार‎ छठे वर्ष किया जा रहा है। इस मैच का उद्देश्य हिंदू संस्कृति को बढ़ावा देना है।
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क्रिकेट के हर शब्द का संस्कृत रूप
मैच के दौरान मैदान पर क्रिकेट से जुड़े रोजमर्रा के शब्द भी संस्कृत में ही बोले जा रहे हैं। पिच को ‘क्षिप्या’, गेंद को ‘कन्दुकम्’, बल्ले को ‘वल्लकः’ और रन को ‘धावनम्’ कहा जा रहा है। चौके को ‘चतुष्कम्’, छक्के को ‘षठकम्’ और अंपायर को ‘निर्णायक’ संबोधित किया जा रहा है, जिससे दर्शकों को क्रिकेट के साथ संस्कृत का भी नया अनुभव मिल रहा है।


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तिलक-त्रिपुंड के साथ मैदान में खिलाड़ी
मैच के दौरान खिलाड़ी धोती-कुर्ता के साथ माथे पर तिलक और त्रिपुंड लगाए नजर आ रहे हैं। रन लेने से लेकर आउट होने तक मैदान पर होने वाला हर संवाद संस्कृत भाषा में हो रहा है, जो इस टूर्नामेंट को प्रदेश का अनूठा आयोजन बनाता है।
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विजेताओं को पं. धीरेंद्र शास्त्री करेंगे सम्मानित
प्रतियोगिता के विजेता और उपविजेता टीमों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज को श्रीमद्भागवत गीता और श्रीरामचरित मानस भेंट किए जाएंगे। टूर्नामेंट के समापन पर विजेता टीम को बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री सम्मानित करेंगे।आयोजकों के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य खेल के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाना है। इससे पहले इस तरह के आयोजन काशी में हो चुके हैं, जबकि भोपाल में यह प्रयोग लगातार लोकप्रिय हो रहा है।
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