प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और विधायक कुणाल चौधरी सहित कई नेता मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता किसान बड़ी संख्या में जवाहर चौक पहुंचे। रोशनपुरा आते-आते कांग्रेसी कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिए। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल रहीं। वहीं, उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
राजभवन कूच करने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘केंद्र ने किसानों के लिए काले कानून बनाए हैं। मैंने अपने समय में एमएसपी के लिए केंद्र सरकार से लड़ाई लड़ी थी। क्या दिल्ली में बैठे किसानों में बुद्धि नहीं है कि वे क्या कर रहे हैं? ये कानून अमल में आए तो मंडियों को बड़े-बड़े उद्योगपति अपनी चपेट में ले लेंगे। उन्होंने कहा कि किसान उद्योगपतियों का बंधुआ मजदूर बन जाएगा। हम एकत्रित हुए हैं देश के सभी किसानों के लिए। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि जब तक किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार कोई फैसला नहीं करती, तब तक वो अपना आंदोलन जारी रखेगी। वहीं, कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने केंद्र सरकार के फिलहाल कृषि कानून लागू नहीं करने के आश्वासन को किसानों की आंशिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी किसानों के समर्थन में अपना आंदोलन को जारी रखेगी।
पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग पर कमलनाथ ने ट्वीट किया,‘किसानो के समर्थन में आज मध्यप्रदेश के भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों किसान भाइयों व कांग्रेसजनों पर शिवराज सरकार के ईशारे पर किए गये बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस व वाटर केनन छोड़े जाने की व गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करता हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, 'इस लाठीचार्ज में कई किसान भाइयों, कांग्रेसजनों, महिलाओं व मीडिया के साथियों को चोट आई है। उनके स्वस्थ होने की कामना करता हूं। किसानों के समर्थन में हमारा संघर्ष जारी रहेगा, हम ऐसे दमन से डरने-दबने वाले नहीं है।’