मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की मध्यप्रदेश आदिवासी अधिकार, संरक्षण एवं सशक्तिकरण समिति की पहली बैठक हुई। बैठक में आदिवासी समाज के अधिकारों और समस्याओं पर ठोस कार्ययोजना बनाने का फैसला लिया गया। इसी दिन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमित कोल की हत्या के विरोध में पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
जल-जंगल-जमीन से लेकर रोजगार तक पर बनेगी रणनीति
बैठक में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, जल-जंगल-जमीन पर अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आजीविका और सामाजिक-आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। कांग्रेस ने प्रदेशभर में इन विषयों से जुड़ी समस्याओं का तथ्यात्मक अध्ययन कर चरणबद्ध तरीके से जनसंवाद शुरू करने का निर्णय लिया है। समिति का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में आदिवासी समाज के सामने मौजूद समस्याओं को जुटाकर उनके समाधान के लिए प्रभावी और परिणाम आधारित रणनीति तैयार की जाएगी।
उमंग सिंघार बोले- अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा
समिति अध्यक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान और संवैधानिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समिति प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करेगी और जरूरत के अनुसार उन्हें सरकार के सामने मजबूती से उठाया जाएगा।
अमित कोल हत्याकांड पर पुलिस मुख्यालय पहुंची कांग्रेस
बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा और डीजीपी को ज्ञापन सौंपा। मामला रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमित कोल की हत्या से जुड़ा है। कांग्रेस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ तेज न्यायिक प्रक्रिया चलाने और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कानून का प्रभावी भय और समय पर न्याय जरूरी है।
हत्याकांड में सिर्फ कार्रवाई नहीं, पूरी साजिश की जांच की मांग
कांग्रेस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ यह भी मांग उठाई कि जांच हर पहलू से की जाए और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाई जाए। पार्टी का कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की वारदात करने वालों पर प्रभावी अंकुश लगे।
यह भी पढ़ें-जानिए कौन हैं 'लेडी सिंघम' IPS मोनिका शुक्ला? किसान आंदोलन में बस के सामने चट्टान बनकर हो गईं थी खड़ी
बैठक और ज्ञापन में ये नेता रहे शामिल
समिति की बैठक और डीजीपी को दिए गए ज्ञापन के दौरान आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक विक्रांत भूरिया, पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन, पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम, विधायक फूंदेलाल मार्को, झूमा सोलंकी, संजय उइके, सुनील उइके, डॉ. अशोक मर्सकोले और प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामू टेकाम सहित अन्य नेता मौजूद रहे।