राजधानी भोपाल में पदस्थ आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त दीपम रायचुरा के खिलाफ विभाग की महिला उप निरीक्षक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल कलेक्टर और आबकारी आयुक्त सहित आलाधिकारियों तक महिला उप निरीक्षक ने होटल बुलाने और राजी नहीं होने पर प्रभार छीनने के साथ करियर बर्बाद करने की धमकी देने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
महिला अधिकारी की शिकायत पर भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने परिवार समिति को मामले की जांच सौंप दी है। शिकायत के अनुसार, आबकारी विभाग की एक महिला उप निरीक्षक ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह करीब पांच साल से विभाग में कार्यरत है। भोपाल में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचुरा ने उन्हें एक दिन भोपाल के प्रतिष्ठित होटल में बुलाया। मैं वहां पहुंची तो वह अर्धनग्न हालत में बैठे हुए थे।
उन्होंने छेड़छाड़ की कोशिश की, जिससे मैं बहुत डर गई। उन्होंने कहा कि विभाग की अधिकांश महिला अधिकारी हमारी बात मानती हैं, मैं शासन और प्रशासन में अच्छी पकड़ रखता हूं। इसलिए मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह कमरा भी मैंने अपने नाम से बुक नहीं किया है और मेरे खिलाफ शिकायत करने से कोई फायदा नहीं। मैंने तुम्हारे प्रभारी छिनवाने के साथ दूर के जिलों में स्थानांतरण करवा सकता हूं।
आबकारी आयुक्त को भी भेजी है शिकायत
महिला उप निरीक्षक ने भोपाल कलेक्टर के साथ आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल को भी इस संबंध में शिकायत भेजी है। शिकायत में महिला ने लिखा है कि अधिकांश महिला अधिकारियों पर सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचुरा इसी तरह होटल में बुलाकर मनमाना कार्य करने का दबाव बनाते हैं। उनका महिलाओं के प्रति प्रेम इस बात से भी पता चलता है कि उन्होंने भोपाल में महिला अधिकारियों को एक साथ दो से तीन-तीन कार्य का प्रभार दे रखा है।
उन्होंने मुझे भी गंदे कार्य के लिए दबाव बनाया, लेकिन मैं नहीं मानी। एक हफ्ते तक मैं शिकायत करने की भी हिम्मत नहीं कर पाई। बड़ी हिम्मत करके मैं शिकायत कर रही हूं। मेरा स्थानांतरण भोपाल के पास के जिले में कर दिया जाए, ताकि मैं अपनी नौकरी बेहतर ढंग से कर सकूं। यहां भोपाल में दीपम रायचुरा के अंडर में नौकरी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
इनका कहना है...
आबकारी विभाग की एक महिला अधिकारी ने अपने विभाग के अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत की है। लेकिन जिस नाम से महिला ने शिकायत की है, उन नाम की महिला उनके कार्यालय में नहीं है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है।
...कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, भोपाल कलेक्टर