राजधानी भोपाल में कॉलेज छात्राओं से रेप और लव जिहाद के आरोपी साद और साहिल के अवैध मकानों पर शनिवार सुबह 5 जिला प्रशासन कार्रवाई करते हुए तोड़ दिया है। तीसरे आरोपी फरहान के घर पर कार्रवाई फिलहाल टाल दी गई है। इधर कार्रवाई के बाद अमर उजाला की टीम ने साहिल, साद और कॉलोनी वासियों से बात की जिसमें उन्होंने इस कार्रवाई को गलत ठहराया। जहां परिवार वालों का कहना है कि उनके बच्चों की गलतियों की सजा उन्हें क्यों दी जा रही है। वहीं रह वासियों का कहना है कि यह कार्रवाई गलत है। अगर उनके अवैध मकान है तो पूरी कॉलोनी अवैध है। आरोपी साद के भाभियों का कहना है कि यह हमारे देवर का घर नहीं हमारा घर था। गलती उसने की तो हमारे छोटे बच्चों को बेघर क्यों किया गया। वहीं साहिल की मां का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चों को साहिल मछली से जोड़ना गलत है। कई विधायक मंत्रियों के भी फोटो उसके साथ आ रही है तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। हम गरीब हैं, इसलिए हमारे ऊपर कारवाई हो रही।
ज्वेलरी गिरवी रखकर बनाया घर
साद की भाभी फरजाना ने बताया कि उनके देवर की गलती की सजा उनके परिवार वालों को क्यों दी जा रही है। उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनका घर तोड़ दिया गया। फरजाना ने बताया कि अपने गहने गिरवी रखकर घर बनाया था जिसे आज तोड़ दिया गया। अब उनके पास रहने के लिए कोई सहारा नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी जगह फरियाद करने के बाद भी किसी ने नहीं सुना। उन्होंने बताया कि साद तो छोटा था। हमारे पति पांच भाई हैं। हम लोगों ने पैसा लगाकर घर बनाया था। उसका तो कुछ लगा भी नहीं था फिर भी घर तोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि हमने दूसरे के यहां काम करके और सिलाई करके घर बनाया था।
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छोटे-छोटे बच्चों को शारिक मछली से जोड़ा
साहिल की मां शन्नो ने बताया कि उनका परिवार यहां 20 साल से रह रहा है। लेकिन उनकी बेटे की सजा उनको मिली उन्होंने कहा है कि जितना बताया जा रहा है उतना नहीं है। उसे फसाया गया है। छोटे-छोटे बच्चों को शारिक मछली से जोड़ा जा रहा है जो कि गलत है। जबकि कई मंत्री-विधायकों के भी फोटो उसके साथ में आ रहे हैं। उनके ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। हमारा गरीब होने का फायदा उठाया गया है। हमारा टीन सेट का घर था जिसे तोड़ दिया गया है। हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं उनको लेकर कहां जाएं।
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रहवासी बोले दो ही घर अवैध कैसे
अपराधी सहिल के घर के सामने रहने वाले सलीम ने बताया कि हम करीब 30 साल से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस कॉलोनी में केवल दो ही मकान अवैध कैसे हो गए। जबकि यह पूरी कॉलोनी को बनाने के लिए लाखों-करोड़ों खर्च किए गए। रहने के लिए सारी व्यवस्थाएं की गई। अब इसको अवैध कैसे बताया जा रहा है। अगर यह अवैध है तो पूरी कॉलोनी अवैध है। उन्होंने साहिल को लेकर कहा कि हम उसको बचपन से जानते हैं। वह ऐसा नहीं है। उसको फसाया गया है। सलीम के ऊपर रेप का आरोप नहीं है। उसके ऊपर सिर्फ इतना आरोप है कि वह वहां आता जाता था। इस आधार पर घर तोड़ना गलत है।