लगातार घाटे में चल रहा भोपाल नगर निगम अब निगम का पैसा बचाने के लिए तरह-तरह के प्रयोग कर रहा है। बीएमसी अपने कचरा संग्रहण गाड़ियों को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदलने की तैयारी में है। निगम 250 नए ईवी खरीदने की योजना बना रहा है, जिसमें 200 मिनी कचरा संग्रहण वाहन और आधिकारियों के उपयोग के लिए 50 इलेक्ट्रिक कारें शामिल हैं। इन गाड़ियों के आने के बाद निगम का हर महीन लगभग एक करोड़ रुपए की बचत होगी।
वर्तमान 435 वाहन संचालित करता है निगम
बीएमसी के परिवहन विभाग के अनुसार, वर्तमान में निगम कचरा संग्रहण और सफाई के लिए कुल 435 वाहन संचालित करता है, जिसमें 290 से अधिक सीएनजी और 140 डीजल से चलने वाले वाहन शामिल हैं। हालांकि, नगरीय प्रशासन और आवास विभाग द्वारा वर्ष 2023 के अंत तक जारी किए गए निर्देश में प्रदूषण को कम करने और परिचालन लागत में कटौती करने के लिए नगर निकायों में धीरे-धीरे ईवी में बदलाव का आदेश दिया गया है।
गौरतलब है कि अब तक, बीएमसी डीजल वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित कर रही थी और उसने संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) से अनुदान के तहत 295 सीएनजी वाहन खरीदे थे। पिछले साल 125 नए सीएनजी वाहन भी खरीदे गए थे। लेकिन नई नीति के प्रभावी होने के साथ, भविष्य में वाहन खरीद में केवल ईवी को प्राथमिकता दी जाएगी। संशोधित एमपी इलेक्ट्रिक वाहन नीति अब नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना अनिवार्य बनाती है। नीतिगत बदलाव से वायु प्रदूषण में कमी आने, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिरता में वृद्धि होने की उम्मीद है।
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पर्यावरण और राजकोषीय बचत के लिए अच्छा
मेयर-इन-काउंसिल (एमआईसी) के सदस्य राजेश हिंगोरानी ने बताया कि यह बदलाबव पर्यावरण और राजकोषीय बचत के लिए अच्छा है। उन्होंने कहा है कि बीएमसी अब केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगी, जिसमें कचरा वाहक भी शामिल हैं, ताकि पर्यावरण और ईंधन खर्च दोनों को बचाया जा सके।
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महीने में एक करोड़ का होगा फायदा
बीएमसी परिवहन अधिकारियों ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने से काफी बचत होगी उन्होने बताया कि चूंकि डीजल वाहनों की लागत लगभग 1,000 रुपये प्रतिदिन और सीएनजी वाहनों की लागत लगभग 400 रुपये है, इसलिए ईवी की लागत केवल 50 से 100 रुपये प्रतिदिन होगी। ईवी वाहनों का उपयोग करके निगम प्रति वाहन औसतन 700 से 800 रुपये प्रतिदिन बचा सकता है, जिससे लगभग 1 करोड़ रुपये की मासिक बचत होगी।