आश्रय गृह का निरीक्षण करते अधिकारी
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राजधानी भोपाल में तीन पहले भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भिक्षुकों के लिए कोलार क्षेत्र में आश्रय गृह बनाया गया है। जिला प्रशासन भिखारियों को यहां पहुंचाने का काम कर रहा है। सारी सुविधाएं होने के बाद भी भीखारी यहां जाने को तैयार नहीं है। शुरू में यहां भिखारियों के लिए 30 पलंग, ब्लैंकेट, गद्दे और तकिए पहुंचाए गए। बैठक के लिए 10 कुर्सियों सहित अन्य सामान मंगाया है। दरअसल जिला प्रशासन भोपाल में भिखारियों को काम देने की तैयारी कर रहा है। वहीं बुजुर्ग भिखारियों को वृद्धा आश्रम भेजने का प्लान तैयार कर रहा है।
उम्र के आधार पर देंगे काम
जिला प्रशासन आश्रय गृह पहुंचने वाले भिखारियों के उम्र के आधार पर काम देगा। जैसे छोटे बच्चों को स्कूल भेजने का काम किया जाएगा । वहीं युवाओं को मोमबत्ती, अगरबत्ती सहित अन्य कार्यों से जोड़ा जाएगा। जिसके माध्यम से इन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। जबकि बुजुर्ग भिखारियों को वृद्धा आश्रम भेजने का प्लान तैयार किया जा रहा है।
दीनदयाल रसोई में मिलेगा भोजन
आश्रय गृह में पहुंचने वाले भिखारियों को दीनदयाल रसोई में भोजन करवाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार भिक्षुक गृह के पास ही दीनदयाल रसोई मौजूद है। पीने के पानी के लिए प्लास्टिक कंटेनर और वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है।आश्रय गृह में अभी भिखारियों के सोने के लिए 30 पलंग, ब्लैंकेट, गद्दे और तकिए पहुंचाए गए। बैठक के लिए 10 कुर्सियों सहित अन्य सामान मंगाया है। वहीं पूरे भोपाल में भिखारियों की धरपकड़ के लिए 16 टीमें बनाई गई हैं। सोमवार को इन टीमों के जरिए धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी।
समाज के मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास
सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक आरके सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिन में लगभग सभी चौराहों में भिखारी नहीं दिख रहे हैं। आश्रय गृह में भिखारियों के पहुंचाने के लिए 16 टीमें बनाई गई हैं। टीम विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे लोगों की तलाश कर रही है। भिक्षुक गृह में रहने वाले भिक्षुकों की काउंसलिंग करने के साथ समाज के मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया जाएगा। ताकि जीवन यापन करने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो। आश्रय गृह में भिखारियों के सोने के लिए बिस्तर और खाने की व्यवस्था भी कर दी गई है। अन्य व्यावस्थाएं भी की जाएंगी।