मंत्री राकेश सिंह और विधायक रामेश्वर शर्मा
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भोपाल के बैरागढ़ में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज को लेकर लोक निर्माण विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मंगलवार को इसके निरीक्षण के दौरान निर्माण की धीमी रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्था में कमियां मिलने पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर नाराजगी जताई। मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने निर्माण एजेंसी पर 20 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। साथ ही ब्रिज का पूरा काम मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।
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तीन दिन में सुधार, हर सप्ताह होगी निगरानी
मंत्री ने निर्माण स्थल पर मिली सभी अव्यवस्थाओं को तीन दिन में दूर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य अभियंता अब हर सप्ताह निर्माण की समीक्षा करेंगे, जबकि प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा से जुड़ी रिपोर्ट हर 15 दिन में मंत्री को भेजी जाएगी। निर्माण एजेंसी को अनुबंध की शर्तों के अनुसार काम में देरी और लापरवाही के लिए कार्रवाई का सामना करना होगा। मंत्री ने अधिकारियों को केवल सामान्य समीक्षा के बजाय पर्ट चार्ट के आधार पर साप्ताहिक माइक्रो प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं। यानी निर्माण के हर चरण का लक्ष्य तय कर उसकी हर सप्ताह प्रगति जांची जाएगी।
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सर्विस रोड और सुरक्षा पर खास फोकस
निरीक्षण के दौरान सर्विस रोड की खराब स्थिति भी सामने आई। मंत्री ने इसे तत्काल दुरुस्त करने को कहा, क्योंकि ब्रिज पूरा होने तक यही सड़क स्थानीय लोगों और वाहनों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। निर्माण स्थल पर अनावश्यक सेफ्टी बैरियर हटाने और जहां काम चल रहा है, वहीं पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट चालू करने, निर्माण सामग्री और मलबा हटाने तथा सिविल अस्पताल के आसपास मरीजों और एंबुलेंस के लिए रास्ता सुगम रखने को भी कहा गया है।
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ब्रिज पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी
एलिवेटेड कॉरिडोर पर बारिश के पानी के संचयन की व्यवस्था अभी से करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ब्रिज के नीचे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं में जल संरक्षण को भी निर्माण का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। बैरागढ़ यानी संत हिरदाराम नगर का यह मार्ग भारी यातायात वाला क्षेत्र है। ऐसे में निर्माण के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विभाग ने अब नियमित निगरानी का सिस्टम तैयार किया है। ब्रिज की प्रगति अब केवल काम की गति से नहीं, बल्कि तय माइक्रो प्लान के अनुसार साप्ताहिक स्तर पर भी जांची जाएगी।