न हुनर मेरे पास है, न किस्मत मेरे पास है। लेकिन मेरा सदगुरु मेरे पास है। हम तो बड़े मतवाले हैं, गांव के लोग हैं साहब बड़े भोले-भाले हैं हम बागेश्वर वाले हैं। धन्य हैं बजरंग बलि आपने तोड़ दी शत्रुओं की नली। आज के जमाने में वक्ता छप रहे, भगवान छिप रहे हैं। यह वचन आज बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहे।
वे भोपाल के करोंद में हनुमंत कथा का वाचन कर रहे थे। गुरुवार को उनकी कथा का अंतिम दिन था। इसके साथ ही बाबा ने यहां पर अपना दिव्य दरबार भी लगाया, जिसमें उन्होंने लोगों की जिज्ञासा का समाधान किया। कथा को सुनने के लिए देश और मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु भोपाल में डेरा डाले हुए थे। कथा में सुप्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर ने श्रीराम भजनों की मधुर प्रस्तुति दी। प्रस्तुति ने कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को भजनों पर झुमने के लिए मजबूर कर दिया।
दिव्य दरबार में सुनी अर्जी
कथा के पूर्व आज सुबह लाखों श्रृद्धालुओं की उपस्थिति में बागेश्वर धाम का दिव्य दरबार सजा, जिसमें पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अनेक जनों की अर्जी सुनी, पर्ची बनाई और उनके दुख-कष्टों के निदान के उपाए बताए। पंडित शास्त्री ने कहा कि इस संसार में श्री हनुमान जी महाराज ही ऐसी शक्ति हैं, जो हमारे भूत, भविष्य, वर्तमान को सजाते हैं और पृथ्वी, आकाश और पाताल तीनों लोकों में राम नाम का डंका बजाते हैं। उन्होंने जय भारत हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष करते हुए हनुमंत कथा को विराम दिया और कथा पंडाल में बनाए गए जल कुंडों में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने पंडित शास्त्री के सानिध्य में श्री गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया।
हनुमानजी पर सब कुछ छोड़ दो
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि या तो आज से ही मंदिर जाना छोड़ दो या फिर आज से अभी से बागेश्वर हनुमानजी पर सब कुछ छोड़ दो। इसकी तीन शर्ते हैं। पहली ये की आज से हमारे चक्कर में नहीं पड़ना। दूसरी शर्त- मांस मदिरा छोड़कर महीने में एक बार बागेश्वर धाम की पेशी शुरू कर दो। तीसरी शर्त ये है कि घर पर ही ऊं बागेश्वर नम: का जाप शुरू कर देना। इसके बाद किसी पर्चे की जरूरत नहीं है। अगर जीवन में संकट आएंगे तो बालाजी आपके सामने आकर खड़े हो जाएंगे।
निंदा उसी की होती है जो जिंदा है
शास्त्री ने कहा कि जहां कुछ भी न हो सिर्फ हवा (पवन) है। इसका मतलब है वहां हनुमानजी हैं। निंदा करने वालों को तुम्हारे काम से नहीं नाम से परेशानी होती है। लेकिन, निंदा उसी की होती है, जो जिंदा है। मुर्दों की कौन निंदा करता है। किसी की निंदा से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि ये समझना चाहिए तुम्हारा जमीर उसके अंदर जिंदा है।
चरित्र सुंदर, जीवन सुंदर
उन्होंने कहा, जिसका चरित्र सुंदर होता है, उसका जीवन भी सुंदर होता है। जिस तरह से तीनों लोकों पर हनुमान जी का अधिकार है। ठीक इसी तरह तीनों काल- भूत, भविष्य और वर्तमान पर हनुमान जी का अधिकार है। सभी सुख प्राप्त करने के दो ही उपाय है। पहला अपने गुरुदेव के चरण पकड़ो। दूसरा हनुमान जी का आचरण अपनाओ। हनुमान जी ने भगवान राम के काज को संभाला था। आपने उनका सदुपयोग किया तो चारों युगों में हनुमान जी की तरह पूजे जाओगे। इससे यह भी सीख सकते हैं कि भगवान की कृपा से मनुष्य को संसार की समस्त प्रकार की वस्तुएं मिलती हैं। उनका सदुपयोग करेंगे तो हम भी हनुमान जी की तरह पूछे जाएंगे।
उन्होंने कहा, धन्य हैं वीर बजरंगबली। वो कहते हैं हमें भगवान श्रीराम के काज के अलावा विश्राम ही नहीं, और हम लोगों को विश्राम के अलावा कोई काम नहीं। हनुमान जी के चरित्र से हमें एक-एक अंग की सदुपयोगिता सीखनी चाहिए। अगर हमने हनुमान जी की शरण ले ली तो हनुमानजी सदा हमारे साथ रहेंगे। जब चलने लगेंगे तो हनुमान चालीसा की चौपाई- 'सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना' सिद्ध हो जाएगी।
बाबा ने बताए उपाय
बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में भाग लेने के लिए सुबह से ही लाखों की संख्या में श्रृद्धालु कथा पंडाल में पहुंच गए जैसे ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन हुआ जय श्री राम के नारे गूंज उठे, जिन श्रृद्धालुओं की अर्जी स्वीकार हुई उनकी समस्या समाधान के उपाय बताए गए।
- संतान प्राप्ति के लिए श्री गोपाल सहस्त्र नाम का पाठ सबसे कारगर उपाय है।
- घर में लड़ाई-झगड़े क्लेश शांत करने के लिए श्री हनुमान जी का झंडा लगाएं।
- सपने में मूंछों वाला सांप ऊपर चढ़ता है तो देवी हवन कराएं और समस्या से मुक्ति पाएं।
- होनी तो नहीं रोक सकते, लेकिन गुरु सावधान जरूर कर सकते हैं।