राजधानी भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में करीब पांच माह से खाली कुलगुरु पद पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।नियुक्ति प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कुलगुरु की भर्ती में सवाल खड़े किए हैं। उन्होने ने मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिख कर कुलगुरु की नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर आपत्ति जताई है। जांच की मांग की है।
विश्वविद्यालय महापरिषद के सदस्य है सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है। सिंघार विश्वविद्यालय की महापरिषद के सदस्य भी हैं। ऐसे में अपने पत्र में उल्लेख किया कि कुलगुरु नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन क्रमांक 01/2024, 30 अक्टूबर 2024 की चयन प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मानकों के अनुरूप नहीं की जा रही है। सिंघार ने इस पर संज्ञान लेते हुए जांच कराने और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और विधिवत रूप से पूरा करने की मांग की है।
निष्पक्षता को किया नजरअंदाज
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने आरोप लगाया कि इस विज्ञापन के तहत आमंत्रित आवेदनों की निष्पक्षता को नजरअंदाज किया जा रहा है और मध्यप्रदेश से बाहर के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों में पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए।
किसी विशेष विचारधारा के व्यक्ति को बैठाने की कोशिश
एमसीयू मे एनएसयूआई प्रभारी तनय शर्मा ने कहा कि एमसीयू को यूजीसी की धारा 12(बी) के तहत मान्यता प्राप्त है और विद्यार्थी सीयूईटी परीक्षा के माध्यम से प्रवेश लेते हैं। ऐसे में कुलगुरु पद पर किसी विशेष विचारधारा के व्यक्ति को बैठाने की कोशिश की जा रही है, जो कि अनुचित है। प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने भी विश्वविद्यालय में नियुक्तियों को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुलसचिव की नियुक्ति पर भी सवाल उठे थे। सरकार और महापरिषद को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि नियुक्तियों में नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।