राजधानी भोपाल में सुभाषनगर ब्रिज की थर्ड लेन बनाने के लिए मोतीनगर बस्ती को हटाया जाएगा। इसे लेकर क्षेत्र के रहवासियों को नोटिस दिया गया था। 4 फरवरी से बस्ती के हटाया जाने को कहा गया था। लेकिन कांग्रेस नेता और बस्ती वालों विरोध जताया था। गुरुवार शाम को पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को स्वैच्छा से दुकानें और मकान हटाने को कहा। पुलिस की समझाइश के बाद कुछ दुकानदारों ने सामान हटाना शुरू भी कर दिया। इससे पहले फोर्स नहीं मिलने से कार्रवाई दो दिन तक अटकी रही।
रहवासियों को 4 फरवरी तक का दिया था अल्टीमेटम
बता दें कि बस्ती को हटाने के लिए रहवासियों को 4 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी थी। एमपी नगर एसडीएम एलके खरे के अनुसार कार्रवाई के लिए पुलिस बल की मांग की गई है, लेकिन दो दिन से मिल नहीं पाया। गुरुवार को निरीक्षण किया है। अब कल से कार्रवाई की जाएगी। मोतीनगर बस्ती में कुल 384 मकान हैं। यहां 110 पक्की दुकानें भी हैं। इन दुकानों को हटाने से कार्रवाई की शुरुआत होगी। नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।
विरोध मे कलेक्टर के पास पहुंची थी दुल्हन
गौरतलब है कि मोतीनगर बस्ती को हटाने के विरोध में तीन दिन पहले कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला एक दुल्हन को लेकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास पहुंच गए थे। शुक्ला ने कहा था कि जिला प्रशासन की कार्रवाई के पहले मोतीनगर से कई मानवीय पहलू सामने आ रहे हैं। यदि प्रशासन मौजूद सैकड़ों परिवारों को मोहलत नहीं देता है तो उनके सामने आर्थिक संकट के अलावा नैतिक संकट भी खड़े हो रहे हैं। किसी के घर में बेटी के हाथ पीले होने हैं तो कहीं बेटे की शादी की तैयारी हो रही है। इस स्थिति में भी कार्रवाई होती है तो कई शादी भी टालनी होगी। दूसरी ओर, बच्चों की परीक्षाएं भी हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सर्वे भी किया है।