राजधानी भोपाल स्थित आरजीपीवी विश्वविद्यालय में स्पोर्ट कंपलेक्स निर्माण में हुए आर्थिक भ्रष्टाचार को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सोमवार को प्रदर्शन किया इस दौरान उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण में हुए आर्थिक भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। एबीवीपी ने छह दिन के भीतर दोषियों के खिलाफ उचित दंडात्मक और वैधानिक कार्रवाई की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की। अंत में रजिस्ट्रार को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
परिसर का काम आज तक अधूरा
गौरतलब है कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए वर्ष 2015 में 16.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, जिसे 2019 में बढ़ाकर 19.16 करोड़ कर दिया गया। निर्माण कार्य का दायित्व सीपीए (CPA) को सौंपा गया, जिसने 23.52 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी। इसके बावजूद, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आज तक अधूरा है।
यह है मुख्य गड़बड़ी
1- डीपीआर के अनुसार, आउटडोर स्टेडियम का निर्माण अब तक नहीं हुआ है।
2- इनडोर स्टेडियम में वुडन फ्लोरिंग की जगह घटिया प्लास्टिक का उपयोग हुआ।
3- 10 एग्जॉस्ट फैन का उल्लेख था, लेकिन एक भी फैन नहीं लगाया गया।
4- हॉकी ग्राउंड और एथलेटिक्स ट्रैक अब भी झाड़ियों से घिरे हुए हैं।
5- स्विमिंग पूल का निर्माण अधूरा है और वहां केवल एक गड्ढा है।
6- बास्केटबॉल के छह कोर्ट में से केवल चार ही बने हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
एबीवीपी के महानगर मंत्री शिवम जाट ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है। तत्कालीन निर्माण एजेंसी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2021 में कार्य पूरा होने का दावा किया था, और तीन साल पहले उद्घाटन भी करवा दिया गया था। अभाविप ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अगर प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी।