मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की सक्रियता जारी है। कई नदियां उफान पर हैं। नर्मदा पट्टी से लगे इलाकों में बारिश होने से तवा, बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बड़वानी में नर्मदा नदी के पानी का लेवल बढ़ रहा है। बुधवार को बड़वानी से 5 किलोमीटर दूर राजघाट पर नदी का जलस्तर 131.900 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान से 8.600 मीटर ऊपर बह रही है। राजघाट से सटे खेत डूब गए। श्योपुर में मंगलवार रात से हो रही बारिश के कारण विजयपुर में क्वांरी नदी उफना गई। हालांकि सिस्टम बदलने से चार-पांच दिन बाद बारिश में ब्रेक लग सकता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, रीवा संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, इंदौर, शहडोल व सागर संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान बैराड़ 180, सबलगढ़ में 150, विजयपुर में 140, पोहरी में 120, शिवपुरी में 110, भितरवार, सिहावल में 90, मऊ, करेरा, कोलारस में 80, बजाग, हनुमना, पुष्पराजगढ़ में 70, डबरा, वीरपुर, हटा, जवा, टीकमगढ़ में 60, माडा, मोहनगढ़, बमोरी, करहल, चीनोर, मिहोना, लहार में 50, सेमरिया, नईगढ़, अमरकंटक, बिजुरी, सिरमौर, राजनगर, नरवर, खकनार, मुरैना, इंदरगढ़ में 40 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि शहडोल, रीवा, सागर संभागों के जिलों में, डिंडौरी जिले में अधिकांश स्थानों पर, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों तथा कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट जिलों में अनेक स्थानों पर, भोपाल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तथा बुरहानपुर जिले में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखें तो डिंडौरी, छतरपुर, निवाड़ी, भिंड जिलों में कहीं-कहीं अतिभारी वर्षा एवं गरज-चमक की संभावना है। यलो अलर्ट बता रहे हैं सिंगरौली, सीधी, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो उत्तरी मप्र के मध्य में हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात कमजोर पड़ गया है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका राजस्थान, उत्तर प्रदेश, झारखंड से होकर मणिपुर तक बनी हुई है। वातावरण में नमी बरकरार रहने के कारण आंशिक बादल बने रहेंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश से लगे मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा होगी। हालांकि गुरुवार तक चक्रवात के और कमजोर पड़ने और मानसून द्रोणिका के हिमालय की तरफ खिसकने की संभावना है। उसके बाद मानसून की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। मौसम विभाग के मुताबिक 28 अगस्त से मानसून पर एक बार फिर ब्रेक लग सकता है।