गणेशोत्सव और शारदीय नवरात्रि की तैयारियां शुरू होते ही प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। श्री हिंदू उत्सव समिति ने एआई पैटर्न पर तैयार की जा रही भगवान गणेश और मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विरोध करते हुए स्पष्ट कहा है कि धार्मिक परंपराओं और पौराणिक स्वरूप से छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। समिति ने ऐसे मूर्तिकारों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की चेतावनी दी है, जो एआई पैटर्न की प्रतिमाओं का निर्माण करेंगे।
प्रतिमाएं शास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि भगवान गणेश और मां भगवती की प्रतिमाएं शास्त्रों और पौराणिक मान्यताओं के अनुरूप ही बनाई जानी चाहिए। उनका कहना था कि आधुनिक या एआई आधारित स्वरूप में प्रतिमाएं बनाकर धार्मिक परंपराओं का स्वरूप बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे हिंदू उत्सव समिति स्वीकार नहीं करेगी।
मूर्तिकारों और समितियों से की अपील
चंद्रशेखर तिवारी ने समिति ने अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मूर्तिकारों से संपर्क कर उन्हें एआई पैटर्न की प्रतिमाएं नहीं बनाने के लिए समझाएं। साथ ही सभी गणेशोत्सव और दुर्गा उत्सव समितियों से आग्रह किया गया कि वे केवल पौराणिक स्वरूप वाली प्रतिमाओं की ही स्थापना करें।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
समिति ने कहा कि यदि कोई मूर्तिकार एआई पैटर्न की प्रतिमा बनाता है या कोई समिति ऐसी प्रतिमा स्थापित करती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) कराने की कार्रवाई की जाएगी। समिति का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में परंपराओं और शास्त्रीय स्वरूप का पालन होना चाहिए।
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त्योहारों से पहले गरमाया मुद्दा
गणेशोत्सव और नवरात्रि से पहले प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर बाजार में आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक से तैयार प्रतिमाओं की मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठन इसे धार्मिक आस्था और परंपराओं से जुड़ा विषय बताते हुए पौराणिक स्वरूप वाली प्रतिमाओं पर ही जोर दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।