आगजनी की घटनाओं के बाद अब प्रशासन ने बस टर्मिनस की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू की है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) में आग से बचाव के लिए फायर हाइड्रेंट लगाए जाएंगे और बिजली की वायरिंग की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में लंबे समय से खड़ी गैर संचालित बसों को हटाने और उनके संचालकों से किराया वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आईएसबीटी का निरीक्षण कर सुरक्षा, सफाई और बसों के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में सुधार करने को कहा।
आग से बचाव के इंतजाम होंगे, वायरिंग की भी जांच
आईएसबीटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फायर हाइड्रेंट स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही परिसर में बिजली की वायरिंग की जांच कराई जाएगी, ताकि संभावित खतरों की पहचान कर जरूरी सुधार किए जा सकें। परिसर की नियमित साफ-सफाई और व्यापक स्तर पर धुलाई कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बस अड्डे को गैराज बनाने वालों पर सख्ती
आईएसबीटी में बसें केवल यात्रियों को बैठाने और उतारने के लिए निर्धारित समय तक ही रुक सकेंगी। लंबे समय से खड़ी और संचालित नहीं हो रही बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर उन्हें परिसर से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का उद्देश्य बस टर्मिनस को अनावश्यक रूप से घेरकर रखने वाली बसों से मुक्त कराना और नियमित यात्री परिवहन के लिए जगह उपलब्ध कराना है।
चार बसें 24 जुलाई से खड़ी, अब वसूला जाएगा किराया
निगम अधिकारियों ने बताया कि चार बसें 24 जुलाई 2026 से आईएसबीटी स्थित बस डिपो में खड़ी हैं। इनमें एमपी-04-पी-0297, एमपी-04-ए-3753, एमपी-04-एई-3073 और एमपी-04-ईए-4345 शामिल हैं। इन बसों के लंबे समय से खड़े रहने पर निगम आयुक्त ने जुलाई से वर्तमान तक का किराया वसूलने और इन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं। अन्य गैर संचालित बसों के मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।
साइकिल और ई-बाइक चलाने के लिए निकलेगा टेंडर
आईएसबीटी परिसर में रखी साइकिलों और इलेक्ट्रिक साइकिलों का संचालन शुरू कराने की तैयारी भी की जा रही है। निगम इन्हें सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर चलाने के लिए निविदाएं जारी करेगा। निगम आयुक्त ने कहा कि वे स्वयं इन साइकिलों और ई-बाइक का परीक्षण करेंगे।
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ट्रैवल्स एजेंसियों के साथ होगी बैठक
निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने वर्मा ट्रेवल्स के मैनेजर से चर्चा की और गैर संचालित बसों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी से बसों का संचालन करने वाली अन्य ट्रैवल्स एजेंसियों के संचालकों के साथ भी बैठक की जाएगी। इसमें बसों के संचालन और परिसर की व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।