40 जिलों में एक साथ शुरू होगा
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि 18 अगस्त से प्रारंभ होने वाला अभियान का पहला चरण मध्यप्रदेश के 40 जिलों में एक साथ शुरू होगा और एक से दो महीने तक चलेगा। आधार शिविरों की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए (यूआईडीएआई) ने जिलों में उन पिन कोड की पहचान की है, जहां सबसे ज़्यादा एमबीयू लंबित हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने मुख्य रूप से इन पिन कोड के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को शिविरों के लिए चुना है। शेष 15 जिलों में दूसरा चरण सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में शुरू होगा।
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जाने क्या है खास
-स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) पर केंद्रित है।
-इसमें बच्चों के आधार कार्ड में उंगलियों के निशान, आईरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है।
-पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी की उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा।
-दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है, जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा।
-तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।
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छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगा अभियान
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि विद्यार्थी के लिए आधार, 'अब विद्यालय के द्वार' अभियान के अंतर्गत बनेगा। सरकारी स्कूलों में आधार शिविर न केवल छात्रों को अपना अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट करवाने में सुविधा प्रदान करेंगे बल्कि आवश्यक होने पर आधार में नाम सुधार, अपार आईडी बनाने के लिए और मोबाइल नंबर अपडेट के लिए भी उन्हें सुविधा प्रदान करेंगे।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को अपने-अपने जिलों में आधार शिविर योजना का प्रचार करने के लिए कहा गया है।