मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्त चाल और बारिश की कमी के बीच राजधानी भोपाल में शनिवार को कांग्रेस नेताओं ने अनोखा टोटका किया। कोलार तिराहे पर गधों को फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया, ढोल-नगाड़ों के साथ उनकी अगवानी की गई और उन्हें गुलाब जामुन खिलाकर इंद्र देव से अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई।
मालवा-निमाड़ की परंपरा बताकर किया आयोजन
कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी ने बताया कि मालवा-निमाड़, इंदौर, उज्जैन, खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र में वर्षों से यह मान्यता रही है कि जब लंबे समय तक बारिश नहीं होती तो गधों का सम्मान कर उन्हें मिठाई खिलाई जाती है। इससे इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और अच्छी वर्षा होती है। इसी लोक परंपरा को भोपाल में भी निभाया गया।
किसानों की फसल पर मंडरा रहा संकट
मुजाहिद सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेश का किसान बोवनी पूरी कर चुका है और बीज व खेती पर लाखों रुपये खर्च कर चुका है। लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नमी खत्म होने लगी है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल पर संकट गहरा सकता है और इसका असर आम लोगों तक पहुंचेगा।
फिर खाली नहीं दिखने चाहिए तालाब और डैम
उन्होंने कहा कि प्रदेश के तालाब, डैम, कुएं और बावड़ियां पानी से भर जाएं, यही इस आयोजन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह फिर से वह दौर नहीं देखना चाहते, जब बड़े तालाब का जलस्तर इतना नीचे चला गया था कि लोग उसके भीतर तक पैदल पहुंचने लगे थे।
जरूरत पड़ी तो आगे भी करेंगे ऐसे आयोजन
सिद्दीकी ने कहा कि यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो आगे भी प्रार्थना सभा, भंडारे और अन्य धार्मिक आयोजन कर इंद्र देव से वर्षा की कामना की जाएगी। उनका कहना था कि यह किसी के खिलाफ विरोध नहीं, बल्कि किसानों और प्रदेश की खुशहाली के लिए किया गया प्रतीकात्मक प्रयास है।
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प्रदेश में बारिश की कमी बनी चिंता
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने हालांकि अगले कुछ दिनों में नया मौसम तंत्र सक्रिय होने और कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है।