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मध्यप्रदेश: 70 हजार बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित, सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

Sun, 10 Jan 2021 08:21 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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कुपोषण - फोटो : ANI
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मध्यप्रदेश में कुपोषण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो कि सरकार समेत आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग (डब्ल्यूसीडी) के एक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में 70 हजार से अधिक बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हो गए हैं। इन बच्चों में नवजात से लेकर छह वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं।

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अध्ययन के अनुसार, एक तिहाई से अधिक बच्चे त्वचा और हड्डी रोग से पीड़ित हैं। लगभग दस लाख बच्चों पर की गई यह सर्वे बताती है कि चार लाख से अधिक बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। सर्वेक्षण में कहा गया है कि वे गंभीर तीव्र और मध्यम कुपोषण से पीड़ित हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) आमतौर पर इस तरह के सर्वेक्षण करता है, लेकिन इस बार महिला और बाल कल्याण विभाग ने ऐसा किया है।

अध्ययन के अनुसार अधिकांश क्षेत्रों में गंभीर तीव्र कुपोषण से प्रभावित बच्चे पाए गए हैं। मध्यम तीव्र कुपोषण वाले बच्चों की संख्या लगभग 3 लाख 50 हजार हैं। वहीं 70 हजार गंभीर कुपोषित बच्चों में से 6,000 को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराया गया है।
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कुपोषण केंद्र में भर्ती किए गए बच्चों के अलावा अन्य कुपोषित बच्चों का उनके घरों में इलाज किया जा रहा है। बता दें कि कई वर्षों से देश भर में बच्चों के बीच कुपोषण के मामले में मध्यप्रदेश शीर्ष पर है।

बढ़ते मामले को देखते हुए विभाग ने गंभीर तीव्र कुपोषण के मामलों की पहचान ही नहीं की है, बल्कि पूरी निगरानी प्रणाली भी स्थापित की है। आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को ऐसे बच्चों की साप्ताहिक निगरानी करनी होती है। जिन्हें एनआरसी में भर्ती नहीं किया गया है, उन्हें अतिरिक्त स्वस्थ भोजन दिया जाएगा।

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