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23 लाख का घोटाला: बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में फर्जी खातों से निकाली रकम, एमपी EOW ने की 8 कर्मचारियों पर FIR

Wed, 22 Apr 2026 02:17 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो मध्य प्रदेश ने मुरैना में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 23 लाख रुपये के गबन का खुलासा किया है। मामले में 8 बैंक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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ईओडब्ल्यू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने मुरैना स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में करीब 23 लाख रुपये के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद 8 बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू को बैंक प्रबंधन की शिकायत के आधार पर यह मामला मिला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच शाखा में पदस्थ रहे हेड कैशियर महेंद्र सिंह बाजौरिया सहित अन्य कर्मचारियों ने मिलकर ग्राहकों के खातों से अवैध रूप से रकम निकाली। आरोपियों में गौरीशंकर राम, ऋचि तिवारी, इंद्रनाथ विश्वास, विकास शर्मा, विकास त्रिवेदी, विजय कुमार मेहता और सौरभ मिश्रा के नाम शामिल हैं।
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फर्जी खातों और दस्तावेजों का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ग्राहकों की जानकारी के बिना उनकी आईडी का उपयोग कर फर्जी बचत खाते खोले। इसके अलावा कुछ वास्तविक खातों का भी दुरुपयोग किया गया। आठ खाताधारकों की 11 एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट) को समय से पहले बंद कर दिया गया और प्राप्त राशि को फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लिया गया। आरोप है कि इस पूरी साजिश के तहत करीब 23,09,450 रुपये की राशि को जाली वाउचरों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए निकाल लिया गया। यह रकम खाताधारकों की जानकारी के बिना ट्रांसफर और आहरित की गई।
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गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
ईओडब्ल्यू ने मामले में धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120B और Prevention of Corruption Act 1988 (संशोधन 2018) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ईओडब्ल्यू ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित तरीके से किया गया वित्तीय घोटाला है, जिसमें बैंक के अंदरूनी सिस्टम का दुरुपयोग किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। 

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