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BMHRC में निकाला 12 किलो का ट्यूमरः पांच घंटे चली हाई रिस्क सर्जरी, तीन साल तक बीमारी से जूझती रही महिला

Mon, 08 Jun 2026 07:04 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

बीएमएचआरसी के डॉक्टरों ने 60 वर्षीय गैस प्रभावित महिला के शरीर से 12 किलो वजनी ओवरी ट्यूमर निकालकर सफल सर्जरी की। ट्यूमर कई महत्वपूर्ण अंगों से चिपका हुआ था और ऑपरेशन करीब पांच घंटे चला। वहीं पैंक्रियाज कैंसर से पीड़ित एक अन्य मरीज की भी जटिल सर्जरी सफल रही।
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मरीज की सर्जरी करते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और जोखिमभरी सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 60 वर्षीय गैस प्रभावित महिला के शरीर से करीब 12 किलो वजनी ट्यूमर निकाल दिया। ओवरी कैंसर से जुड़ा यह ट्यूमर पेट में फैलकर कई महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंच चुका था और बड़ी आंत, पेशाब की नली तथा प्रमुख रक्त वाहिकाओं से चिपका हुआ था। करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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तीन साल तक बीमारी से जूझती रही महिला
बीएमएचआरसी के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनवीर गौतम ने बताया कि महिला पिछले तीन वर्षों से इस समस्या से परेशान थी। शुरुआती दौर में बीमारी की पहचान नहीं हो सकी। बाद में पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ने और लगातार तकलीफ होने पर जांच कराई गई। सीटी स्कैन में पेट के भीतर विशाल ट्यूमर का पता चला, जो कई महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ा हुआ था।

ऑपरेशन के दौरान था भारी रक्तस्राव का खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक ट्यूमर के कारण मरीज को हर्निया भी हो गया था। मधुमेह से पीड़ित होने के कारण सर्जरी का जोखिम और बढ़ गया था। ट्यूमर के कुछ हिस्सों में संक्रमण और पस बनने की स्थिति भी सामने आई थी। यदि समय पर ऑपरेशन नहीं किया जाता तो संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता था। सर्जरी के दौरान रक्तस्राव का बड़ा खतरा होने के बावजूद डॉक्टरों की टीम ने सावधानीपूर्वक पूरे ट्यूमर को निकालने में सफलता हासिल की।
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पैंक्रियाज कैंसर मरीज की भी सफल सर्जरी
बीएमएचआरसी के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने पैंक्रियाज कैंसर से पीड़ित 60 वर्षीय मरीज की भी जटिल सर्जरी की है। डॉक्टरों के अनुसार कैंसर पैंक्रियाज से बढ़कर पोर्टल वेन नामक महत्वपूर्ण रक्त वाहिका तक पहुंच गया था, जिससे ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। विशेषज्ञ टीम ने सफल सर्जरी कर ट्यूमर को हटाया। मरीज का उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत नि:शुल्क किया गया और सोमवार को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

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विशेषज्ञता और टीमवर्क से मिली सफलता
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह की जटिल सर्जरी के लिए उच्च स्तर की विशेषज्ञता और विभिन्न विभागों के समन्वय की जरूरत होती है। संस्थान में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे मरीजों को बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ता।

 
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