छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में शिक्षा, रोजगार और सरकारी भर्ती के मुद्दे पर सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकारी विभागों में 1.04 लाख से अधिक पद खाली हैं, जबकि सरकार के रोजगार पोर्टल पर 27 लाख से ज्यादा नौकरी चाहने वाले दर्ज हैं। उन्होंने सवाल किया कि इन युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा। पटवारी ने कहा कि मोहन भागवत के उज्जैन आगमन से उम्मीद थी कि मध्यप्रदेश के युवाओं के ज्वलंत सवालों पर बात होगी और भाजपा सरकार को कोई दिशा मिलेगी, लेकिन प्रदेश के लाखों युवाओं के सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
युवा परीक्षा दें या नियुक्ति का इंतजार करें?
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की कई भर्तियां वर्षों से लंबित हैं। युवा परीक्षा दें या नियुक्ति का इंतजार करें, सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। परीक्षा, परिणाम, चयन और नियुक्ति में देरी युवाओं के जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष छीन रही है।उन्होंने सरकार से समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करने और कौशल विकास के बाद युवाओं के लिए स्थायी रोजगार का रास्ता सुनिश्चित करने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि जब पढ़े-लिखे युवाओं को अपने ही प्रदेश में अवसर नहीं मिलता तो उन्हें दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा प्रवचन नहीं, शिक्षा, रोजगार, भर्ती और अपने भविष्य पर स्पष्ट जवाब चाहता है।
7217 स्कूलों में एक शिक्षक, 2.29 लाख विद्यार्थी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने यूडीआईएसई प्लस के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 7217 सिंगल-टीचर स्कूल हैं, जहां करीब 2.29 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। उन्होंने पूछा कि ऐसे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। पटवारी ने पीएलएफएस-2025 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 15 से 29 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत और शहरी युवाओं में 9.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।
सिंघार बोले- शिक्षा व्यवस्था ने युवाओं के सपने कुचले
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जो बच्चा पढ़ना चाहता है, उसकी मेहनत और सपनों को कुचलने का काम शिक्षा व्यवस्था कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की तैयारी चल रही है और लोकतंत्र को बचाने में राहुल गांधी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सिंघार ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ का उद्देश्य युवाओं की आवाज को सुनना और उनके सवालों को राष्ट्रीय मंच देना है।
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शिक्षा बजट, शिक्षक भर्ती और बैकलॉग पर सवाल
सिंघार ने दावा किया कि वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा के लिए करीब 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो बजट का करीब 0.9 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं होगा तो युवाओं की मांगें कैसे पूरी होंगी।उन्होंने सरकारी स्कूलों में 72 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली होने और 90 हजार से अधिक बैकलॉग पदों पर भर्ती लंबित होने का दावा किया। अतिथि शिक्षकों और पैसा एक्ट से जुड़े मुद्दों का भी उन्होंने उल्लेख किया। सिंघार ने नर्सिंग कॉलेजों, ओबीसी आरक्षण और छात्रों के लिए उपलब्ध फंड से जुड़े सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों को चुनाव के बाद भी पूरा किया जाना चाहिए।
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हरीश चौधरी बोले- छात्रों के सवालों का आंदोलन है
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने ‘छात्रों की गूंज’ को महज कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सवालों को उठाने वाला आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनना और उनके सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के बाद इंदौर में छात्रों की आवाज उठने की बात कही। चौधरी ने देवास के उस छात्र का भी उल्लेख किया, जिसकी दिल्ली विश्वविद्यालय में मृत्यु हुई थी और कहा कि उसकी मां अब भी न्याय की मांग कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक इंदौर के भारत जोड़ो मैदान में 19 सितंबर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें शिक्षा, रोजगार, भर्ती, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।