प्यारे मियां बहुत ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देने में लगा हुआ था। गरीब परिवार की लड़कियों को वो खासतौर से अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक उसके इस काम को अंजाम देती थी दलाल स्वीटी विश्वकर्मा।
जिन बच्चियों को पैसों की जरूरत होती, वह उन्हें स्वीटी के जरिए फंसाता। इसके बाद 68 साल का प्यारे मियां उनके साथ हैवानियत करता। हैवानियत के बदले बच्चियों को 10 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता। यही नहीं कोई लड़की ज्यादा पसंद आने पर उसे टिप के रूप में अतिरिक्त पैसे भी देता। प्यारे मियां के कई ठिकाने हैं। शाहपुरा स्थित ऐशगाह नामक फ्लैट, रातीबड़ का फार्म हाउस, जहां वह न सिर्फ खुद बल्कि अपने दोस्तों को भी हैवानियत करने के लिए बुलाता।
इस तरह खुला सारा मामला
पुलिस ने बताया कि चार लड़कियां शराब के नशे में आ रही थीं पता चला कि नाबालिग शनिवार रात 12:30 बजे तक प्यारे मियां के शाहपुरा स्थित ऐशगाह फ्लैट पर थीं। पार्टी में काफी शराब पीने के बाद उन्होंने खाना खाया और दो स्कूटर से ऐशगाह हिल्स जाने के लिए निकल गईं।
मगर नशा ज्यादा होने से रास्ता भटक गईं। इस बीच पुलिस ने उन्हें संदेह के आधार पर रोका। तब रात डेढ़ बजे उन्होंने प्यारे मियां को फोन लगा दिया। काफी पूछताछ के बाद अगले दिन सुबह उन्होंने कबूला कि प्यारे मियां ने उनके साथ गलत किया है। जैसे ही घटना का खुलासा हुआ, प्यारे मियां फरार हो गया।
नाबालिग लड़कियां प्यारे मियां को अब्बू कहकर पुकारती थीं। पुलिस की पूछताछ में दो लड़कियों ने बताया कि वह अब्बा के घर गई थीं। पुलिस का अनुमान है कि चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
काफी डरी हुई हैं बच्चियां
चाइल्ड लाइन की निदेशक अर्चना सहाय के मुताबिक बच्चियों से लंबी बातचीत और काउंसलिंग के बाद उन्होंने सब बताया। आगे भी उनकी काउंसलिंग की जाएगी। अभी बच्चियां काफी डरी हुई हैं। भोपाल के डीआईजी इरशाद अली ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए चार टीम बनाई गई हैं। उसकी गिरफ्तारी के बाद सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। यदि कोई अन्य बच्चियां भी उसका शिकार हुई है तो प्रकरण में यह तथ्य भी जोड़ा जाएगा। आरोपी की मदद करने वाले या उसके साथ इस अपराध में शामिल लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।