राजधानी भोपाल में कोचिंग से घर लौट रही छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में वकीलों ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। पुलिस ने चार लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक आरोपी फरार है।
मालूम हो कि 31 अक्तूबर की शाम 19 वर्षीय छात्रा के साथ चार दरिंदों ने ज्यादती की थी और उसे मरा समझकर भाग गए थे। विडंबना यह भी है कि पीड़िता के माता पिता दोनों पुलिस में हैं, बावजूद इसके एफआईआर लिखाने में उसे पूरा दिन इस थाने से उस थाने भटकना पड़ा था।
शनिवार को भोपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास ने बताया कि भोपाल का कोई वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। उन्होंने गैंग रेप की वारदात की कड़ी निंदा भी की।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गैंग रेप केस में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन पुलिस अफसरों ने पीड़िता की शिकायत दर्ज करने में लापरवाही की, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है।