राजधानी भोपाल में खाकी को खुली चुनौती देने वाले एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। थाना कोलार और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसीपी ट्रैफिक विजय दुबे के सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों की नगदी और जेवरात चुराने वाले 4 शातिर बदमाशों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये का चोरी का सामान और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
घटना 10-11 सितंबर की दरमियानी रात की है। एसीपी विजय दुबे अपनी ड्यूटी पर थे और उनकी पत्नी उज्जैन गई हुई थीं। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर शातिर नकबजनों ने कोलार रोड स्थित दानिशकुंज आवास के मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। चोर घर में रखे लोन के 10 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात, बर्तन, सिक्के और मूर्तियां समेटकर फरार हो गए थे।
सीसीटीवी फुटेज खंगालकर राजस्थान तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलार पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस टीमों ने घटना स्थल से लेकर सोनकच्छ (देवास) तक करीब 1500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेजों की पड़ताल में एक कार (एमपी-09-सीएम-0536) संदिग्ध पाई गई, जिसकी मदद से पुलिस आरोपियों के गृह राज्य राजस्थान तक जा पहुंची। एडीसीपी जोन-4 संजीव पाठक ने बताया कि चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कुछ और मामलों का खुलासा हो सकता है।
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देशभर में दर्ज हैं दर्जनों आपराधिक मामले
पकड़े गए चारों आरोपी शातिर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ देश के कई राज्यों और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जांच के दौरान पुलिस ने दीपक गुर्जर, पवन आर्य, रोहित पाल और देवेन्द्र गुर्जर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चारों ने भोपाल आकर एसीपी के घर में चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की नगदी, सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, बर्तन और मूर्ति बरामद की गईं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। रोहित पाल के खिलाफ 15, पवन आर्य के खिलाफ 39, दीपक गुर्जर के खिलाफ 2 और देवेन्द्र गुर्जर उर्फ देवा के खिलाफ 15 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस इन मामलों की संबंधित थानों से पुष्टि करा रही है।
पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और प्रदेश के अन्य जिलों में की गई वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी गए शेष सामान की बरामदगी के साथ आरोपियों से अन्य मामलों में भी पूछताछ की जा रही है।