हनुमान जन्मोत्सव जुलूस (प्रतीकत्मक चित्र)
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भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव पर हिंदू संगठनों द्वारा निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। उधर आयोजकों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए जुलूस में बजाए जाने वाले गाने और नारों की सूची प्रशासन को भेज दी है। शहर काजी ने भी शहर में गंगा-जमुनी तहजीब की बात कही है।
बता दें कि रामनवमी पर खरगोन और बड़वानी में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के बाद अब पुलिस और प्रशासन सतर्क दिखाई दे रहा है। शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव पर हिंदू संगठन जुलूस निकाल रहे हैं। बुधवारा और इतवारा से जुलूस निकाले जाने पर भोपाल में आयोजकों के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई। दोनों पक्षों के बीच चर्चा में परंपरागत मार्ग से ही जुलूस निकाले जाने की अनुमति दी गई, परंतु आयोजकों को 16 शर्तों का ध्यान रखने की हिदायत दी गई। बता दें कि हनुमान जन्मोत्सव का जुलूस पुराने शहर के काली मंदिर से शुरू होकर सिंधी कॉलोनी पर खत्म होगा इन पूरी जगह पर लगभग 80 से 85 मस्जिद है। मुसलमानों की संख्या डेढ़ लाख के करीब है।
प्रशासन ने आयोजकों से भड़काऊ नारे नहीं लगाने तथा ऐसे गानों को नहीं बजाने की बात कही तो आयोजकों ने न केवल प्रशासन और पुलिस को भरोसा दिलाया बल्कि जो गाने बजाए जाएंगे उसकी सूची भी सौंप दी। अतिरिक्त उपायुक्त रामस्नेही मिश्रा ने कहा कि आयोजकों के साथ बैठक के अलावा जुलूस के मार्ग पर पुलिस तैनात की जा रही है। जुलूस मार्ग पर ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। गौरतलब है कि हनुमान जन्मोत्सव जुलूस को बुधवारा और इतवारा की संकरी गलियों से निकालने की अनुमति नहीं दिए जाने के लिए भोपाल शहर के काजी व नायब काजी पिछले दिनों गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से मिले थे। उन्होंने परीक्षण का आश्वासन दिया था।
भोपाल शहर क़ाज़ी सैयद मुश्ताक अली नदवी साहब सभी धर्मों के लोगों से अपील की है कि हम सब जानते हैं कि त्यौहार इसलिए होते हैं कि खुशियां मनाई जाएं। हर त्यौहार का मतलब होता है खुश होइए और खुशियां बांटिए। शहर के लोग किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। यहां की गंगा-जमुनी तहजीब मिसाल है। सब मिलकर त्योहार मनाइए। हमारा भी यही संदेश है।