देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल सेंट्रल जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 15 बंदियों को रिहा किया गया। इनमें एक महिला बंदी भी शामिल है। राज्य शासन की विशेष सजा माफी नीति के तहत बेहतर आचरण के आधार पर इन बंदियों को रिहाई का लाभ मिला।
रिहाई के बाद सभी बंदियों को जेल प्रशासन ने ससम्मान विदा किया। भोपाल केंद्रीय जेल के अधीक्षक महेंद्र सिंह परमार ने उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अतीत की गलतियों को पीछे छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन जीने की सीख दी।
रिहाई के दौरान बंदियों के चेहरों पर नई जिंदगी मिलने की खुशी दिखाई दी। कमलेश ने कहा कि जेल में रहते हुए उसने अपने आचरण में सुधार किया है। अब वह समाज के बीच सकारात्मक और बेहतर जीवन जीना चाहता है। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके रामू ने कहा कि सजा के बाद उसे नई जिंदगी मिली है। उसने लोगों से अपराध से दूर रहने और कानून का सम्मान करने की अपील की।