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मध्य प्रदेश: कहां तक पहुंची भोजशाला की 'मां वाग्देवी' को वापस लाने की कवायद? भारत-ब्रिटेन के बीच प्रयास जारी

Wed, 05 Aug 2026 10:23 AM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

धार स्थित भोजशाला की मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि प्रतिमा की पहचान को लेकर कोई विवाद नहीं है और इसकी वापसी अब भारत-ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। पढ़ें पूरी खबर
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भोजशाला में मां वाग्देवी की पूजा करते हुए स्थानीय लोग।
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मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला की मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्रतिमा को लंदन से भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार राजनयिक स्तर पर प्रयास कर रही है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले मध्य प्रदेश के संस्कृति सचिव शिव शेखर शुक्ला ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। इसके बाद से प्रतिमा को लंदन के संग्रहालय से वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विवेक अग्रवाल ने कहा कि लंदन में भी यह स्वीकार किया गया है कि मां वाग्देवी की प्रतिमा धार से ले जाई गई थी। हालांकि, इसकी वापसी भारत और ब्रिटेन के बीच राजनयिक प्रयासों की सफलता पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, "हमारी ओर से प्रयासों में कोई कमी नहीं है। प्रतिमा की पहचान को लेकर भी कोई विवाद नहीं है। जहां यह प्रतिमा रखी गई है, वहां भी यह दर्ज है कि इसे धार से ले जाया गया था। अब इसकी वापसी राजनयिक संबंधों और दोनों देशों के बीच होने वाले प्रयासों पर निर्भर करेगी।"

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गौरतलब है कि मई में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मां सरस्वती का मंदिर माना था। अदालत ने यह भी कहा था कि इस स्थल पर हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना की परंपरा कभी बाधित नहीं हुई। हाईकोर्ट ने हिंदू पक्ष की विशेष पूजा-अर्चना की मांग स्वीकार करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया था, जिसके तहत मुस्लिम समुदाय को प्रत्येक शुक्रवार नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी।

हिंदू पक्ष ने मांग की थी तेज
अदालत ने यह फैसला पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की अधिसूचनाओं, वैज्ञानिक सर्वेक्षण और कानूनी प्रावधानों के आधार पर दायर पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर सुनवाई के बाद सुनाया था। भोजशाला मामले में फैसला आने के बाद हिंदू पक्ष ने मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस लाने की मांग तेज कर दी थी। उनका कहना था कि यह प्रतिमा भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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