अधिकारियों के बीच में खड़ा रिश्वतखोर कर्मचारी
भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र में लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी संजय बघेल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पटवारी सिमार में पदस्थ बताया जा रहा है। कार्रवाई पटवारी के घर पर की गई।
जानकारी के मुताबिक आवेदक राघवेंद्र अपने खेत के नामांतरण के लिए पटवारी संजय बघेल के पास पहुंचा था। आरोप है कि नामांतरण के एवज में पटवारी ने उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। राघवेंद्र ने रिश्वत देने से इनकार किया, जिसके बाद उसका नामांतरण का काम कथित तौर पर करीब दो महीने से अधिक समय तक अटका रहा और उसे लगातार चक्कर लगाने पड़े। परेशान होकर राघवेंद्र ने लोकायुक्त टीम से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और आवेदक को पटवारी से हुई बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए कहा। राघवेंद्र ने पटवारी से बातचीत रिकॉर्ड कर लोकायुक्त टीम को उपलब्ध कराई।
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बातचीत में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। आवेदक को केमिकल लगे पांच हजार रुपये के नोट दिए गए। इसके बाद राघवेंद्र रिश्वत की रकम लेकर पटवारी संजय बघेल के घर पहुंचा। जैसे ही पटवारी ने पांच हजार रुपये की रिश्वत ली, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
लोकायुक्त टीम ने पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में जांच जारी है और लोकायुक्त टीम रिश्वत की पूरी डिमांड और नामांतरण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। एक बार फिर रिश्वतखोरी के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल आरोपी पटवारी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।