मध्यप्रदेश के भिंड जिले में चिकनगुनिया पैर पसार रहा है। यहां एक ही गांव में चिकनगुनिया के 100 एक्टिव केस मिले हैं, जिनमें 13 पुराने हैं। वहीं दोबारा लिए गए सैंपल में 90 मरीज चिकनगुनिया से ग्रसित मिले हैं।जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
पुणे भेजा जाएगा सैंपल
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ डीके शर्मा ने बताया कि जिले में चिकनगुनिया फैलने लगा है। अब तक डॉक्टर की टीम दो गांव शंकरपुरा और सुखवासीपुरा में जांच भी कर चुकी है। सैंपल भी लिए गए हैं। शंकरपुरा के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। जांच टीम ने कुल 90 मरीजों के सैंपल लिए थे, जिनकी वायरोलॉजी लैब में जांच करने पर 85 सैंपल चिकनगुनिया के पॉजिटिव पाए गए। जांच टीम ने वायरल कल्चर के लिए भी सैंपल कलेक्ट किए हैं, जिन्हें एनआईबी पुणे भेजा जाएगा।
डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि लगातार जिलेभर में अब सतत निगरानी की जा रही है। मुख्यतः स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस मच्छरों के लार्वा को नष्ट कराने पर है। अगर समय रहते लार्वा नष्ट कर दिया जाएगा तो कोई भी बीमारी को पनपने से पहले रोका जा सकता है ।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला मलेरिया विभाग की दो टीमें भिंड शहर की मॉनिटरिंग में लगी हुई है। वही ब्लॉक स्तर पर भी निगरानी की जा रही है। सभी बीएमओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि उनके क्षेत्र की सभी एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को अलर्ट कर दें कि जहां भी किसी बीमार व्यक्ति को बुखार और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। जिससे चिकनगुनिया को फैलने से रोका जा सके।
चिकुनगुनिया डेंगू के मुकाबले कम जोखिम वाली बीमारी है। इसमें किसी भी कैजुअल्टी की संभावना न के बराबर है। इस बीमारी से किसी की मौत नही होती लेकिन इस बीमारी से गुजर रहे मरीज बीमारी के साइड इफेक्ट्स परेशान करते हैं। चिकनगुनिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। इस बीमारी से ग्रसित मरीज को बुखार आता है चिकनगुनिया से ग्रसित मरीज को बुखार के अलावा पूरे शरीर में तेज दर्द रहता है। कभी-कभी मरीज के शरीर में कहीं-कहीं जॉइंट्स में सूजन भी आ जाती है। इसके साथ ही मरीज को पसीना आना, उल्टी आना, चक्कर आना भी है।